बेंगलुरु। कर्नाटक के विजयपुरा एयरपोर्ट पर विमानन प्रशिक्षण से जुड़ी नई सुविधा शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। बारामती की फ्लाइंग ट्रेनिंग कंपनी ‘कार्वर एविएशन’ ने विजयपुरा एयरपोर्ट पर सैटेलाइट फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी स्थापित करने में दिलचस्पी दिखाई है। राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मिनिस्टर एम.बी. पाटिल ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। विजयपुरा एयरपोर्ट उद्घाटन के लिए तैयार है और अब यहां विमानन प्रशिक्षण गतिविधियां शुरू करने की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

एम.बी. पाटिल ने बेंगलुरु स्थित खनिजा भवन में कार्वर एविएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान कंपनी के डायरेक्टर नेविल भरूचा और मैनेजर परमेश पारिख मौजूद रहे। बैठक में विजयपुरा एयरपोर्ट पर सैटेलाइट फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी शुरू करने के प्रस्ताव और इसके लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं को लेकर चर्चा की गई।

कार्वर एविएशन ने प्रस्तावित प्रशिक्षण सुविधा के लिए विजयपुरा एयरपोर्ट से सटी करीब 2.5 एकड़ जमीन की मांग की है। कंपनी इस जमीन का उपयोग अपनी फ्लाइंग ट्रेनिंग गतिविधियों से संबंधित बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए करना चाहती है। जमीन उपलब्ध कराने और परियोजना से संबंधित अन्य पहलुओं पर विचार के लिए जल्द एक आधिकारिक बैठक आयोजित किए जाने की बात कही गई है।

विजयपुरा एयरपोर्ट का उद्घाटन होने से पहले ही विमानन क्षेत्र की कंपनी की ओर से निवेश और प्रशिक्षण सुविधा स्थापित करने में दिलचस्पी दिखाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो एयरपोर्ट का इस्तेमाल केवल यात्री उड़ानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां पायलट और विमानन क्षेत्र से जुड़े प्रशिक्षण की गतिविधियां भी संचालित हो सकती हैं।

सैटेलाइट फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी मुख्य प्रशिक्षण संस्थान की सहयोगी इकाई के रूप में काम कर सकती है। इसके माध्यम से प्रशिक्षु पायलटों को उड़ान अभ्यास और विमान संचालन से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे विजयपुरा और आसपास के क्षेत्रों में विमानन क्षेत्र से जुड़े नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

भारत में विमानन क्षेत्र के तेजी से विस्तार के साथ प्रशिक्षित पायलट और तकनीकी कर्मचारियों की मांग भी बढ़ रही है। नई एयरलाइंस, बढ़ते हवाई यातायात और विमान बेड़े के विस्तार के कारण फ्लाइंग ट्रेनिंग संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में विजयपुरा एयरपोर्ट पर प्रशिक्षण सुविधा शुरू होने से कर्नाटक को विमानन प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक और केंद्र मिल सकता है।

बैठक में कार्वर एविएशन के अधिकारियों ने अपनी आवश्यकताओं और प्रस्तावित योजना के बारे में मंत्री एम.बी. पाटिल को जानकारी दी। कंपनी की प्रमुख मांग एयरपोर्ट से लगी 2.5 एकड़ भूमि की है। अब संबंधित विभाग जमीन की उपलब्धता और इसके आवंटन से जुड़े नियमों पर विचार करेगा।

एम.बी. पाटिल के मुताबिक इस प्रस्ताव को लेकर आगे आधिकारिक स्तर पर चर्चा होगी। इसमें भूमि, आवश्यक अनुमतियों, एयरपोर्ट की सुविधाओं और प्रशिक्षण संचालन से जुड़े पहलुओं पर विचार किया जा सकता है। इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

विजयपुरा एयरपोर्ट लंबे समय से क्षेत्र की कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। एयरपोर्ट के शुरू होने से विजयपुरा और आसपास के क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी जैसी गतिविधि जुड़ती है तो एयरपोर्ट की उपयोगिता और बढ़ सकती है।

विमानन प्रशिक्षण सुविधा शुरू होने से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। फ्लाइंग एकेडमी के संचालन के लिए प्रशिक्षकों, तकनीकी कर्मचारियों, ग्राउंड स्टाफ और प्रशासनिक कर्मचारियों की जरूरत होती है। इसके अलावा प्रशिक्षण लेने आने वाले छात्रों के कारण स्थानीय सेवा क्षेत्र को भी फायदा हो सकता है।

कार्वर एविएशन का प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है। कंपनी की दिलचस्पी और जमीन की मांग सामने आने के बाद सरकार अब इसकी व्यवहार्यता पर विचार करेगी। प्रस्तावित 2.5 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जा सकती है या नहीं, यह आधिकारिक बैठक और संबंधित विभागों के आकलन के बाद स्पष्ट होगा।

विजयपुरा एयरपोर्ट के उद्घाटन के लिए तैयार होने के बीच यह प्रस्ताव राज्य सरकार के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है। सरकार नए एयरपोर्ट के आसपास विमानन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसरों का विस्तार कर सकती है।

कर्नाटक पहले से ही देश के प्रमुख एयरोस्पेस और एविएशन केंद्रों में शामिल है। बेंगलुरु में विमानन और एयरोस्पेस क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियां मौजूद हैं। ऐसे में राज्य के अन्य हिस्सों में भी विमानन प्रशिक्षण और संबंधित गतिविधियों का विस्तार होने से इस सेक्टर का दायरा बढ़ सकता है।

विजयपुरा जैसे क्षेत्र में फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी स्थापित होने से स्थानीय युवाओं के लिए विमानन क्षेत्र में करियर के नए विकल्प भी सामने आ सकते हैं। हालांकि प्रशिक्षण की व्यवस्था, पाठ्यक्रम और संचालन से जुड़े विस्तृत पहलू परियोजना को औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

फिलहाल कार्वर एविएशन और राज्य सरकार के बीच शुरुआती बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। कंपनी ने अपनी जरूरत सरकार के सामने रख दी है और अब प्रस्ताव पर आधिकारिक बैठक में विस्तृत चर्चा की जाएगी।

यदि जमीन और आवश्यक मंजूरियों को लेकर सहमति बनती है तो विजयपुरा एयरपोर्ट यात्री सेवाओं के साथ विमानन प्रशिक्षण का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। इससे एयरपोर्ट की गतिविधियां बढ़ने के साथ क्षेत्र में एविएशन सेक्टर से जुड़े निवेश, प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

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