कांग्रेस विधायकों को शिवकुमार का निर्देश, पंचायत स्तर पर युवा संघ बनाएं
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायकों से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ‘भारत जोड़ो युवा संघ’ के गठन को प्राथमिकता देने को कहा। मुख्यमंत्री ने इन संगठनों को पंचायत स्तर तक मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि वे केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से काम करें। उन्होंने विधायकों से संघों के अध्यक्ष के लिए उपयुक्त लोगों के नाम सुझाने को भी कहा।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को राज्य के 27 जिलों में चल रहे व्यापक विकास कार्यों की समीक्षा के लिए करीब सात घंटे लंबी मैराथन बैठक की। बैठक के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों की प्रगति, सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और संगठनात्मक स्तर पर पार्टी को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इसी दौरान शिवकुमार ने कांग्रेस विधायकों को पंचायत स्तर पर युवा संगठनों के गठन को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘भारत जोड़ो युवा संघ’ की अवधारणा अचानक तैयार नहीं हुई है, बल्कि यह उनके कई वर्षों के अध्ययन का परिणाम है। उन्होंने विधायकों से कहा कि इस पहल को गंभीरता से लिया जाए और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पंचायत स्तर तक संगठन खड़ा किया जाए। उनका जोर इस बात पर था कि युवाओं को संगठन से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें स्थानीय स्तर पर सक्रिय भूमिका भी दी जाए।
शिवकुमार ने विधायकों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे युवाओं की पहचान करें जो संगठन को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ा सकें। संघों के अध्यक्षों के चयन को लेकर उन्होंने विधायकों से सुझाव भी मांगे। इससे संकेत मिलता है कि नेतृत्व चयन में स्थानीय स्तर पर सक्रिय और प्रभावशाली लोगों को महत्व दिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री का यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब राजनीतिक दल स्थानीय स्तर पर अपने संगठन को मजबूत करने और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर लगातार जोर दे रहे हैं। पंचायत स्तर पर संगठन खड़ा करने से पार्टी को गांवों तक अपनी पहुंच मजबूत करने में मदद मिल सकती है। साथ ही सरकार की योजनाओं और नीतियों के बारे में लोगों तक जानकारी पहुंचाने में भी ऐसे संगठन भूमिका निभा सकते हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री ने विधायकों को पंचायत स्तर पर ‘गारंटी समितियों’ में छह सदस्यों की नियुक्ति करने की सलाह भी दी। कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और उनके क्रियान्वयन की निगरानी में इन समितियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विधायकों से कहा गया कि वे पंचायत स्तर पर उपयुक्त लोगों को जिम्मेदारी देकर समितियों को प्रभावी बनाएं।
गारंटी योजनाएं कांग्रेस सरकार के प्रमुख राजनीतिक वादों और शासन के एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। ऐसे में इन योजनाओं के लाभार्थियों तक सरकारी सुविधाएं सही तरीके से पहुंच रही हैं या नहीं, यह सुनिश्चित करना पार्टी और सरकार दोनों के लिए अहम है। पंचायत स्तर पर समितियों के गठन के जरिए स्थानीय समस्याओं की पहचान और उनके समाधान की प्रक्रिया को मजबूत करने की कोशिश की जा सकती है।
शिवकुमार ने पार्टी संगठन से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी विधायकों को निर्देश दिए। उन्होंने उनसे पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं को राजनीतिक और अन्य तरह की परेशानियों से बचाने के लिए विधायक सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाए रखना और उनकी समस्याओं को सुनना भी विधायकों की जिम्मेदारी का हिस्सा बताया गया।
सात घंटे चली बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर सरकार और पार्टी के बीच समन्वय पर भी जोर रहा। 27 जिलों में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान विधायकों से अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी लेने और लंबित परियोजनाओं को गति देने पर चर्चा की गई।
‘भारत जोड़ो युवा संघ’ को लेकर मुख्यमंत्री की पहल को कांग्रेस के संगठनात्मक विस्तार की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंचायत स्तर पर युवाओं को जोड़ने से पार्टी को भविष्य के लिए नया नेतृत्व तैयार करने में मदद मिल सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं की बड़ी आबादी को देखते हुए यह संगठन राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर भी सक्रिय किया जा सकता है।
शिवकुमार ने विधायकों को यह भी संकेत दिया कि केवल संगठन बनाना पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंचायत स्तर पर गठित संघों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वे नियमित रूप से काम करें। इससे संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय बनाए रखने में मदद मिलेगी।
स्थानीय नेतृत्व के चयन में विधायकों की भूमिका को महत्व देने के पीछे भी राजनीतिक रणनीति देखी जा रही है। विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्रों में सक्रिय कार्यकर्ताओं और युवाओं की क्षमता से परिचित होते हैं। ऐसे में उनसे अध्यक्ष पद के लिए नाम सुझाने को कहने से स्थानीय स्तर पर नेतृत्व का चयन अपेक्षाकृत बेहतर तरीके से किया जा सकता है।
वहीं, छह सदस्यीय गारंटी समितियों के गठन का निर्देश सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। इन समितियों के माध्यम से पंचायतों में योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय लोगों की समस्याओं को लेकर फीडबैक जुटाने की कोशिश की जा सकती है।
बैठक के दौरान विधायकों को विकास और संगठन दोनों मोर्चों पर सक्रिय रहने का संदेश दिया गया। एक तरफ उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने को कहा गया, वहीं दूसरी ओर पंचायत स्तर पर पार्टी संगठन को मजबूत करने और युवाओं को जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की मंगलवार की मैराथन बैठक में विकास कार्यों के साथ कांग्रेस के जमीनी संगठन को मजबूत करने की रणनीति भी सामने आई। ‘भारत जोड़ो युवा संघ’ को पंचायत स्तर तक विस्तार देने, उसके लिए उपयुक्त अध्यक्ष चुनने, छह सदस्यीय गारंटी समितियां गठित करने और पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अब इन निर्देशों को विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में किस तरह लागू करते हैं, इस पर नजर रहेगी।