बेल्लारी। कर्नाटक में सूखे की स्थिति को लेकर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द सूखे की घोषणा नहीं करती है तो 3 अगस्त से बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
आर. अशोक ने करेकल गांव का दौरा कर किसानों से मुलाकात की और फसलों की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के कई जिलों में सूखे जैसे हालात हैं, लेकिन सरकार अब तक आधिकारिक रूप से सूखा घोषित नहीं कर रही है।
किसानों के खेतों में बैठकर करेंगे प्रदर्शन
विपक्ष नेता ने कहा कि अगर सरकार तुरंत सूखे की घोषणा नहीं करती है तो वह किसानों के साथ मिलकर खेतों में बैठकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान पहले ही परेशान हैं और बारिश की कमी के कारण उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं।
आर. अशोक ने कहा कि किसान निराश होकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने दावा किया कि कई क्षेत्रों में स्थिति इतनी खराब है कि खेतों में पौधे तक नहीं उग पाए हैं।
बुवाई प्रभावित होने का दावा
आर. अशोक के अनुसार, राज्य में बुवाई का समय बीतने के बावजूद कई इलाकों में खेती प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि बुवाई के 50 दिन बाद भी कई खेतों में फसल की स्थिति खराब बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में मक्का और कपास जैसी फसलों की बुवाई तो हुई है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण पौधे जमीन से बाहर नहीं निकल पाए हैं। उनका कहना था कि बाद में बारिश होने पर भी कई फसलों को नुकसान की भरपाई करना मुश्किल होगा।
बेल्लारी जिले में खेती की स्थिति पर चिंता
विपक्ष नेता ने बेल्लारी जिले के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जिले में कुल मिलाकर करीब 38 प्रतिशत ही बुवाई हो पाई है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग तालुकों में बुवाई का प्रतिशत काफी कम रहा है।
उनके अनुसार, बेल्लारी तालुक में 14.56 प्रतिशत, कुरुगोडु में 5.32 प्रतिशत, सिरागुप्पा में 52.79 प्रतिशत, संदूर में 67.33 प्रतिशत और काम्पली में 34.91 प्रतिशत बुवाई हुई है।
उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से साफ है कि किसानों की स्थिति चिंताजनक है और सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए।
सरकार पर लगाए आरोप
आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि जब किसान खेतों में परेशान हैं, तब सरकार की ओर से राहत देने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने बेल्लारी के कांग्रेस नेताओं पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि किसानों की समस्याओं से दूर हैं।
मुआवजे को लेकर भी उठाया मुद्दा
विपक्ष नेता ने कहा कि सरकार सूखे की घोषणा करने में देरी कर रही है क्योंकि उसे मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि वित्त विभाग की ओर से भी इस संबंध में चिंता जताई गई है।
उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर सहायता नहीं मिली तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है।
सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग
आर. अशोक ने राज्य सरकार से मांग की है कि सूखे की स्थिति का जल्द आकलन कराया जाए और प्रभावित क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत राशि, फसल नुकसान का मुआवजा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती है तो भाजपा किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी।
किसानों की नजर सरकार के फैसले पर
वहीं, अब किसानों की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर है। बारिश की कमी और फसल खराब होने की आशंका के बीच किसान राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
राज्य में सूखे की घोषणा और किसानों के लिए सहायता पैकेज को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।