रेवंत रेड्डी की अमेरिका यात्रा को मंजूरी न देना केंद्र की संकीर्ण सोच: मल्लिकार्जुन खड़गे
कलबुर्गी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा को राजनीतिक मंजूरी नहीं दिए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा को अंतिम समय में मंजूरी नहीं देना केंद्र सरकार की संकीर्ण सोच को दर्शाता है। खड़गे ने कहा कि मुख्यमंत्रियों की विदेश यात्राओं का उद्देश्य राजनीतिक गतिविधियां नहीं, बल्कि अपने राज्यों के लिए निवेश और विकास के अवसर तलाशना होता है।
शनिवार को कलबुर्गी स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान खड़गे ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री समय-समय पर विदेशों की यात्रा करते हैं। इन यात्राओं का मुख्य उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, उद्योगपतियों और संभावित निवेशकों से मुलाकात करना तथा राज्य में उपलब्ध कारोबारी अवसरों के बारे में जानकारी देना होता है।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से प्रवासी भारतीयों यानी एनआरआई समुदाय के बीच निवेश की काफी संभावनाएं हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीयों का अपने गृह राज्यों और देश के साथ मजबूत जुड़ाव है। ऐसे में राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों की उनसे मुलाकात निवेश और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद कर सकती है।
खड़गे ने कहा कि मुख्यमंत्रियों को उन देशों की यात्रा करनी चाहिए, जहां के निवेशक संबंधित राज्य में निवेश करने में रुचि रखते हैं। विदेश यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री निवेशकों के सामने अपने राज्य की औद्योगिक क्षमता, उपलब्ध संसाधनों, बुनियादी ढांचे और निवेश के अवसरों को रख सकते हैं। इससे राज्य में नई परियोजनाएं आने और रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना बढ़ती है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि किसी राज्य का विकास देश की अर्थव्यवस्था के विकास से जुड़ा हुआ है। यदि किसी राज्य में उद्योग और निवेश बढ़ते हैं, तो इसका लाभ रोजगार, कर राजस्व और आर्थिक गतिविधियों के रूप में व्यापक स्तर पर देश को मिलता है। इसलिए मुख्यमंत्रियों को विदेश जाकर निवेश आकर्षित करने से रोकना उचित नहीं है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि किसी मुख्यमंत्री को केवल इसलिए विदेश यात्रा से नहीं रोका जाना चाहिए क्योंकि वह ऐसी राजनीतिक पार्टी से संबंधित है जो भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ है। खड़गे ने कहा कि राज्य सरकारें और केंद्र सरकार अलग-अलग राजनीतिक दलों द्वारा संचालित हो सकती हैं, लेकिन आर्थिक विकास के मुद्दे पर सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
रेवंत रेड्डी की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा के संदर्भ में खड़गे ने दावा किया कि उन्हें यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी अंतिम समय में नहीं दी गई। उन्होंने केंद्र के इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यदि किसी मुख्यमंत्री का उद्देश्य निवेश आकर्षित करना और राज्य के आर्थिक हितों को आगे बढ़ाना है, तो ऐसी यात्रा में राजनीतिक बाधा नहीं आनी चाहिए।
खड़गे ने कहा कि विदेशी निवेश के लिए राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री स्वयं संभावित निवेशकों से संपर्क करते हैं और अपने राज्य में निवेश के लिए उन्हें आमंत्रित करते हैं। राज्य सरकारों के लिए यह जरूरी है कि वे वैश्विक स्तर पर निवेश के अवसर तलाशें और कंपनियों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं और संभावनाओं की जानकारी दें।
उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों के पास पूंजी, तकनीकी विशेषज्ञता और वैश्विक कारोबारी अनुभव है। यदि राज्य सरकारें इन संसाधनों का इस्तेमाल अपने क्षेत्रों के विकास के लिए कर पाती हैं, तो इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। इसलिए एनआरआई निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्रियों की विदेश यात्राएं महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
इस दौरान खड़गे ने कांग्रेस के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के केवल शुरुआती दो पद गाए जाने की परंपरा का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में यह व्यवस्था कोई हाल की परंपरा नहीं है, बल्कि करीब पांच दशक पहले इस संबंध में निर्णय लिया गया था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो पद गाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इस मुद्दे को लेकर उठने वाले सवालों के जवाब में खड़गे ने पार्टी के पुराने निर्णय का हवाला दिया और कहा कि इसे वर्तमान राजनीतिक विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
खड़गे की टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब केंद्र और विपक्षी दलों के बीच राज्यों के अधिकारों, राजनीतिक मंजूरी और केंद्र-राज्य संबंधों को लेकर लगातार बहस होती रही है। विदेश यात्राओं को लेकर भी कई बार राज्य सरकारों और केंद्र के बीच मतभेद सामने आते हैं। ऐसे में तेलंगाना के मुख्यमंत्री की अमेरिका यात्रा को मंजूरी न मिलने का मुद्दा कांग्रेस के लिए केंद्र सरकार पर हमला करने का एक और आधार बन गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि आर्थिक विकास को राजनीतिक मतभेदों से अलग रखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री जिस भी पार्टी से आते हों, उन्हें अपने राज्य के लिए निवेश और रोजगार के अवसर तलाशने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक विकास में राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण है और राज्यों को वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए स्वतंत्र रूप से प्रयास करने का अवसर मिलना चाहिए। यदि ऐसे प्रयासों के जरिए नए उद्योग स्थापित होते हैं और रोजगार पैदा होता है, तो इसका लाभ राज्य के साथ-साथ पूरे देश को मिलेगा।
रेवंत रेड्डी की अमेरिका यात्रा को लेकर खड़गे की टिप्पणी ने एक बार फिर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय तथा राजनीतिक मतभेदों के बावजूद विकास से जुड़े मुद्दों पर सहयोग की जरूरत को चर्चा में ला दिया है। अब इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से किसी प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा।