Koppal : बिना पर्यावरण मंजूरी चल रहे 9 रिसॉर्ट बंद करने के आदेश

Update: 2026-07-15 05:29 GMT

कोप्पल : कर्नाटक के कोप्पल जिले में नियमों का उल्लंघन कर संचालित किए जा रहे नौ रिसॉर्ट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। स्थानीय अधिकारियों ने इन रिसॉर्ट को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। जांच में सामने आया कि ये प्रतिष्ठान कर्नाटक स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (KSPCB) से जरूरी अनुमति लिए बिना संचालित किए जा रहे थे।

यह कार्रवाई उप लोकायुक्त की पहल के बाद की गई है। जानकारी के अनुसार, उप लोकायुक्त ने कुछ महीने पहले जिले में अवैध गतिविधियों और नियमों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए थे।

जांच के दौरान यह सामने आया कि जिले में कुछ रिसॉर्ट पर्यावरणीय नियमों का पालन किए बिना संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से कई ने संचालन शुरू करने से पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक अनुमति नहीं ली थी।

उप लोकायुक्त के निर्देश पर असिस्टेंट एनवायरनमेंट ऑफिसर ने संबंधित क्षेत्रों का दौरा कर जांच की। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि नौ रिसॉर्ट KSPCB की मंजूरी के बिना काम कर रहे थे। इसके बाद अधिकारियों ने इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।

पर्यावरण नियमों के तहत किसी भी रिसॉर्ट, होटल या व्यावसायिक प्रतिष्ठान को संचालन से पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति लेना जरूरी होता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि वहां से निकलने वाले कचरे, गंदे पानी और अन्य प्रदूषणकारी तत्वों का उचित प्रबंधन किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति चल रहे ऐसे प्रतिष्ठानों से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है। खासकर पर्यटन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आने वाले लोगों के कारण कचरा प्रबंधन और जल संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है।

कोप्पल जिले में पर्यटन गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में कई नए रिसॉर्ट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान सामने आए हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि विकास के साथ पर्यावरणीय नियमों का पालन करना भी जरूरी है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यावसायिक गतिविधि को नियमों के अनुसार ही संचालित करना होगा। जिन संस्थानों के पास जरूरी अनुमति नहीं होगी, उनके खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

उप लोकायुक्त की जांच को पर्यावरण नियमों के पालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अन्य प्रतिष्ठानों को भी नियमों का पालन करने का संदेश जाएगा।

जांच के दौरान अधिकारियों ने यह भी देखा कि संबंधित रिसॉर्ट में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े इंतजाम मौजूद हैं या नहीं। इसमें अपशिष्ट प्रबंधन, गंदे पानी के निपटारे और अन्य पर्यावरणीय मानकों की जांच की गई।

KSPCB की अनुमति केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का माध्यम है कि उद्योग और व्यावसायिक इकाइयां पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना काम करें। अधिकारियों के अनुसार, बिना मंजूरी संचालन करना नियमों का सीधा उल्लंघन है।

स्थानीय प्रशासन ने रिसॉर्ट संचालकों को निर्देश दिया है कि वे आवश्यक अनुमति और दस्तावेज पूरे करने के बाद ही दोबारा संचालन शुरू कर सकते हैं। फिलहाल इन नौ रिसॉर्ट की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यटन क्षेत्रों में तेजी से हो रहे निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के बीच निगरानी जरूरी है। यदि समय रहते नियमों का पालन नहीं कराया गया तो प्राकृतिक संसाधनों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

कोप्पल जिले की इस कार्रवाई के बाद अब अन्य रिसॉर्ट और होटल संचालकों में भी सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि जिले में अन्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की जा सकती है।

अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि वे ऐसे प्रतिष्ठानों की जानकारी दें, जो पर्यावरण नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

फिलहाल नौ रिसॉर्ट के बंद होने के आदेश के बाद आगे की प्रक्रिया जारी है। संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि सभी प्रतिष्ठान जरूरी पर्यावरणीय मानकों को पूरा करने के बाद ही दोबारा संचालन कर सकें।

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