कलबुर्गी: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "दिमागी नक्सली" वाले बयान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को बेरोजगारी, महंगाई और निवेश जैसे आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा, "पीएम मोदी 'दिमागी नक्सली' जैसा नया शब्द इस्तेमाल कर रहे हैं। तो क्या हम सब 'दिमागी नक्सली' हैं? देश के लिए आप क्या कर रहे हैं, इस पर बात कीजिए। रोजगार, महंगाई, निवेश और देश के लोगों को नौकरी देने के बारे में बात कीजिए। ये सब छोड़कर आप इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि वंदे मातरम नहीं गाया गया।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश की आज़ादी के लिए कुर्बानियां दी हैं।
"क्या हम देशद्रोही हैं? हमने देश की आज़ादी के लिए लड़ाई लड़ी। दूसरी ओर, आपने अंग्रेजों के सामने घुटने टेक दिए, उन्हें लिखित माफीनामे दिए और आज आप देशभक्त होने का दावा करते हैं। क्या आपको शर्म नहीं आती? आज वे हमसे कहते हैं, 'हम देशभक्त हैं और जो 'वंदे मातरम' नहीं गाते, वे देशद्रोही हैं।' जब पीएम मोदी मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने इसे क्यों नहीं गाया? अगर वे चाहते तो पूरा गाना गा सकते थे। सच तो यह है कि आपको इसे पढ़ना भी नहीं आता। कल सरकारें बदलेंगी। कल कोई दूसरी सरकार आएगी और अगर वे कहें, 'नहीं, नहीं, हमें यह सब नहीं चाहिए,' तो क्या आप इसे बार-बार बदलते रहेंगे?" यह बयान वंदे मातरम के मुद्दे पर बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच आया है।
लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि जहां जंगलों में हथियार उठाने वाले नक्सलियों को खत्म कर दिया गया है, वहीं देश के अलग-अलग हिस्सों में "दिमागी नक्सली" भी मौजूद हैं जिनकी "पहचान करके उन्हें अलग-थलग" करने की ज़रूरत है।