बेंगलुरु : दसरहल्ली विधानसभा क्षेत्र के शेट्टीहल्ली में राजीव गांधी आवास योजना के तहत बन रहे 336 घरों का निर्माण लगभग चार साल बाद भी पूरा नहीं हुआ है। लाभार्थियों ने जून 2023 में अपने फ्लैट चुन लिए थे और उन्हें अस्थायी आवंटन पत्र भी जारी कर दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक घरों का कब्जा नहीं मिला है। विधानसभा के हालिया मॉनसून सत्र में उठे सवाल के जवाब में आवास मंत्री बी.जेड. जमीर अहमद ने बताया कि परियोजना का निर्माण कार्य अभी चल रहा है।

यह आवासीय परिसर शेट्टीहल्ली के सर्वे नंबर 59 की जमीन पर बनाया जा रहा है। इसमें भूतल के ऊपर चार मंजिलों वाली इमारतों का प्रावधान है। योजना के अंतर्गत कुल 336 एक बेडरूम, हॉल और रसोई वाले घर तैयार किए जाने हैं। परियोजना का उद्देश्य लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराना है, लेकिन निर्माण पूरा नहीं होने के कारण आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद उन्हें वहां रहने का अवसर नहीं मिला है। फिलहाल चयनित फ्लैट और वास्तविक कब्जे के बीच का इंतजार बना हुआ है।

दसरहल्ली के विधायक मुनिराजू एस. ने विधानसभा में इस परियोजना की स्थिति को लेकर सवाल उठाया था। उनके प्रश्न के जवाब में आवास मंत्री ने परिसर का काम जारी होने की जानकारी दी। इस जवाब से यह स्पष्ट हुआ कि परियोजना अभी निर्माणाधीन है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में काम पूरा होने की निश्चित तारीख और लाभार्थियों को कब्जा सौंपने का कार्यक्रम नहीं बताया गया है। ऐसे में लाभार्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि उनके चुने हुए घर रहने के लिए कब तैयार होंगे।

जून 2023 में फ्लैट चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों को अस्थायी आवंटन पत्र मिले थे। यह परियोजना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक चरण था। अस्थायी आवंटन पत्र मिलने और घर का कब्जा मिलने में अंतर होता है। आवंटन से किसी लाभार्थी के लिए फ्लैट निर्धारित होने की स्थिति बनती है, जबकि कब्जा मिलने के बाद वह संबंधित शर्तों के अनुसार उसका इस्तेमाल कर सकता है। शेट्टीहल्ली में पहला चरण आगे बढ़ चुका है, लेकिन रहने के लिए घर मिलने का चरण अभी पूरा नहीं हुआ है।

निर्माण में देरी के कारणों का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है। यह स्पष्ट नहीं है कि काम तकनीकी बाधाओं, वित्तीय स्थिति, ठेके से संबंधित मुद्दों या किसी अन्य कारण से लंबा खिंचा। इसी तरह, निर्माण का कितना हिस्सा पूरा हो चुका है और कौन-कौन से काम बाकी हैं, इसकी जानकारी भी सामने नहीं आई है। केवल काम जारी होने के जवाब से परियोजना की वास्तविक प्रगति का पूरा आकलन नहीं किया जा सकता। इसके लिए चरणवार स्थिति और शेष कार्यों का विवरण आवश्यक होगा।

लाभार्थियों के लिए घर मिलने की समयसीमा का महत्व केवल निर्माण तक सीमित नहीं है। आवास बदलने का निर्णय परिवार की रोजमर्रा की व्यवस्था, काम पर आने-जाने और बच्चों की पढ़ाई से भी जुड़ सकता है। हालांकि, इस परियोजना के लाभार्थियों की वर्तमान रहने की स्थिति या किराये पर होने वाले खर्च का प्रमाणित विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए सभी परिवारों पर किसी निश्चित आर्थिक बोझ का दावा नहीं किया जा सकता। फिर भी कब्जे की स्पष्ट तारीख उन्हें आगे की योजना बनाने में मदद कर सकती है।

बहुमंजिला आवासीय परिसर में इमारत का ढांचा बनना और उसका रहने योग्य होना अलग चरण हैं। सामान्यतः बिजली, पानी, जलनिकासी और साझा स्थानों की व्यवस्था भी आवास के इस्तेमाल से जुड़ी होती है। शेट्टीहल्ली परियोजना में इन सुविधाओं की वर्तमान स्थिति उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि देरी केवल फ्लैटों के भीतर के काम में है या अन्य सुविधाएं भी बाकी हैं। परियोजना की पूर्णता का आकलन सभी निर्धारित कार्यों के संदर्भ में होना चाहिए।

इस मामले में निर्माण और लाभार्थियों को कब्जा देने की प्रक्रिया के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होगा। फ्लैट चुनने के बाद परिवारों को परियोजना की प्रगति के बारे में नियमित और स्पष्ट जानकारी मिलने से अनिश्चितता कम हो सकती है। उपलब्ध सामग्री में यह नहीं बताया गया है कि लाभार्थियों को अंतिम बार कब सूचित किया गया था या उनके लिए कोई अद्यतन कार्यक्रम जारी हुआ है। आगे मिलने वाली आधिकारिक जानकारी से पता चलेगा कि आवंटन के बाद कब्जे तक की प्रक्रिया किस तरह पूरी की जाएगी।

विधानसभा में सवाल उठने से परियोजना की लंबित स्थिति सार्वजनिक चर्चा में आई है। अब इसकी प्रगति को समझने के लिए शुरुआत की निर्धारित समयसीमा, वास्तविक निर्माण स्थिति और संशोधित लक्ष्य उपयोगी होंगे। परियोजना की कुल लागत, भुगतान की स्थिति तथा देरी के लिए किसी जिम्मेदारी का विवरण फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इसलिए बिना दस्तावेजों के किसी एजेंसी या व्यक्ति पर लापरवाही अथवा अनियमितता का आरोप लगाना उचित नहीं होगा।

फिलहाल शेट्टीहल्ली के 336 आवास निर्माणाधीन हैं और लाभार्थियों को कब्जा मिलने का इंतजार है। मंत्री के जवाब ने काम जारी होने की पुष्टि की है, लेकिन घर सौंपने की निश्चित समयसीमा का सवाल बाकी है। जून 2023 में फ्लैट चयन और अस्थायी आवंटन के बाद अगला महत्वपूर्ण कदम निर्माण पूरा करना तथा पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार कब्जा देना होगा। परियोजना का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब चयनित परिवार अपने आवंटित घरों में रह सकेंगे।

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