बेंगलुरु : सोशल मीडिया पर इन दिनों 1980 के दशक की शैली में बनाई गई तस्वीरों का ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। रंग-बिरंगे कपड़े, पुराने दौर के हेयरस्टाइल, हल्के धुंधले रंग और फिल्म कैमरे जैसी बनावट वाली तस्वीरें लोगों को आकर्षित कर रही हैं। फिल्म कलाकारों से लेकर आम उपयोगकर्ताओं तक, बड़ी संख्या में लोग अपनी मौजूदा तस्वीरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से रेट्रो लुक दे रहे हैं। इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सऐप स्टेटस पर ऐसी तस्वीरें साझा की जा रही हैं।  

इस लोकप्रियता के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत भी सामने आई है। फोटो एडिटिंग के नाम पर अनजान ऐप डाउनलोड करना या संदिग्ध लिंक खोलना जोखिम पैदा कर सकता है। पुलिस ने लोगों को ऐसे माध्यमों का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने को कहा है। हालांकि, केवल रेट्रो तस्वीर बनाना या उसे सोशल मीडिया पर साझा करना अपने आप में साइबर अपराध को बढ़ावा देना नहीं है। महत्वपूर्ण सवाल यह है कि तस्वीर बनाने के लिए कौन-सी सेवा इस्तेमाल की जा रही है और उसे क्या जानकारी दी जा रही है।

इस ट्रेंड में उपयोगकर्ता अपनी तस्वीर अपलोड करके उसे पुराने दौर के अंदाज में बदलने के निर्देश देते हैं। परिणाम में कपड़े, पृष्ठभूमि, रोशनी और रंगों की शैली बदली जा सकती है। आकर्षक तस्वीर पाने की उत्सुकता में लोग कई अलग-अलग सेवाएं आजमाते हैं। इसी दौरान किसी अनजान वेबसाइट या संदेश में आए लिंक को भरोसेमंद मान लेने की संभावना बढ़ सकती है। मुफ्त एडिटिंग, विशेष फिल्टर या बेहतर परिणाम का दावा किसी सेवा की विश्वसनीयता का प्रमाण नहीं होता।

साइबर ठग लोकप्रिय ट्रेंड का नाम इस्तेमाल करके लोगों का ध्यान खींच सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, कोई संदेश रेट्रो फोटो बनाने के लिए बाहरी फाइल डाउनलोड करने या किसी दूसरे पेज पर लॉगिन करने को कह सकता है। ऐसी स्थिति में उपयोगकर्ता को लिंक के स्रोत और वेबसाइट के पते की जांच करनी चाहिए। सोशल मीडिया पर किसी परिचित के खाते से संदेश आने पर भी उसे स्वतः सुरक्षित नहीं मानना चाहिए, क्योंकि खाते का नियंत्रण किसी अन्य व्यक्ति के पास होने की संभावना रहती है।

ऐप की अनुमतियों पर ध्यान देना भी जरूरी है। फोटो एडिटिंग के लिए तस्वीरों तक सीमित पहुंच की जरूरत हो सकती है, लेकिन संपर्क सूची, संदेशों या अन्य सुविधाओं तक पहुंच मांगने पर उसका कारण समझना चाहिए। हर अनुमति स्वीकार कर देना सही तरीका नहीं है। डाउनलोड से पहले डेवलपर की पहचान, सेवा की शर्तें और गोपनीयता संबंधी जानकारी देखना उपयोगी होगा। केवल आकर्षक विज्ञापन या सकारात्मक टिप्पणियों के आधार पर निर्णय लेने से बचना चाहिए।

तस्वीर अपलोड करने के साथ गोपनीयता का प्रश्न भी जुड़ता है। अलग-अलग सेवाओं में तस्वीर रखने, इस्तेमाल करने और हटाने की नीतियां अलग हो सकती हैं। इसलिए सभी प्लेटफॉर्म पर एक जैसा दावा नहीं किया जा सकता। उपयोगकर्ता को देखना चाहिए कि सेवा अपलोड की गई सामग्री के बारे में क्या शर्तें बताती है। साइबर विशेषज्ञों ने व्यक्तिगत तस्वीरें साझा करते समय उनकी संभावित पहुंच और दुरुपयोग को लेकर सावधानी की जरूरत बताई है।  

फोटो चुनते समय उसकी पृष्ठभूमि भी देखनी चाहिए। तस्वीर में पहचान पत्र, कार्यालय के दस्तावेज, घर का पता या किसी अन्य व्यक्ति की निजी जानकारी दिखाई दे सकती है। जरूरत न होने पर ऐसी जानकारी वाली तस्वीर अपलोड करने से बचना बेहतर है। किसी दूसरे व्यक्ति की तस्वीर इस्तेमाल करते समय उसकी सहमति लेना भी महत्वपूर्ण है। इससे मनोरंजन के लिए अपनाए गए ट्रेंड में अनावश्यक रूप से निजी जानकारी साझा होने की संभावना कम की जा सकती है।

फोटो एडिटिंग के बहाने बैंक की जानकारी, ओटीपी या यूपीआई पिन मांगे जाने पर विशेष सावधानी जरूरी है। किसी कथित सहायता देने वाले व्यक्ति को ये गोपनीय विवरण नहीं बताने चाहिए। यदि सेवा के लिए भुगतान करना हो, तो राशि और भुगतान प्राप्त करने वाले की जानकारी समझकर ही आगे बढ़ना चाहिए। किसी लिंक के दबाव में जल्दबाजी से भुगतान करना या फोन का नियंत्रण साझा करना परेशानी पैदा कर सकता है।

साइबर धोखाधड़ी होने पर संबंधित संदेश, लिंक, भुगतान विवरण और स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखना उपयोगी है। आर्थिक साइबर धोखाधड़ी की शिकायत के लिए हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया जा सकता है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था है। पोर्टल संदिग्ध वेबसाइट, फोन नंबर और अन्य पहचान संबंधी विवरण रिपोर्ट करने की सुविधा भी देता है। 

रेट्रो फोटो ट्रेंड लोगों को पुराने दौर की शैली में खुद को देखने का मनोरंजक अवसर दे रहा है। इसके साथ सुरक्षित डिजिटल व्यवहार बनाए रखना आवश्यक है। भरोसेमंद सेवा चुनना, अनावश्यक अनुमतियां रोकना और संदिग्ध लिंक से बचना जोखिम कम करने के व्यावहारिक कदम हैं। तस्वीर की सुंदरता के साथ मूल फोटो और निजी जानकारी की सुरक्षा पर ध्यान देकर उपयोगकर्ता इस ट्रेंड में अधिक समझदारी से भाग ले सकते हैं।