कर्नाटक SIR: ASDDO सूची में नामों की जांच की अपील

Update: 2026-08-07 11:22 GMT

बेंगलुरु। कर्नाटक में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव वोटर लिस्ट रिविज़न (SIR) के दौरान कुछ मतदाताओं के नाम ASDDO सूची में शामिल होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने अपना हस्ताक्षर किया हुआ एन्यूमरेशन फॉर्म बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को जमा कर दिया था, इसके बावजूद उनके नाम ASDDO यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट और अन्य श्रेणी वाली सूची में दिखाई दिए।

मामला सामने आने के बाद कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अंबुकुमार ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपनी स्थिति की जांच करें और यदि उनका नाम गलती से ASDDO सूची में शामिल हो गया है तो तुरंत संबंधित BLO से संपर्क करें।

मतदाताओं से सूची जांचने की अपील

मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अंबुकुमार ने कहा कि मतदाताओं की सुविधा के लिए विधानसभा क्षेत्र और मतदान केंद्र के अनुसार ASDDO सूची वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे यह सुनिश्चित कर लें कि उनका नाम गलती से इस सूची में तो शामिल नहीं हो गया है।

उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं ने ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से एन्यूमरेशन फॉर्म जमा किया है और उन्हें उसकी पुष्टि भी मिल चुकी है, उन्हें भी अपनी स्थिति जांच लेनी चाहिए। यदि उनका नाम ASDDO सूची में दिखाई देता है तो वे तुरंत BLO से संपर्क कर सुधार प्रक्रिया यानी ‘रोलबैक’ करा सकते हैं।

ASDDO सूची का मतलब नाम हटना नहीं

चुनाव अधिकारी के कार्यालय की ओर से जारी जानकारी में स्पष्ट किया गया है कि ASDDO सूची में किसी मतदाता का नाम शामिल होने का अर्थ यह नहीं है कि उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, यह सूची केवल सत्यापन प्रक्रिया के लिए तैयार की गई है। इसमें उन नामों को चिह्नित किया जाता है जिनकी स्थिति की अतिरिक्त जांच की आवश्यकता होती है। अंतिम निर्णय जांच और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाता है।

चुनाव विभाग ने मतदाताओं से कहा है कि वे बिना घबराए अपनी जानकारी की पुष्टि करें और किसी भी गलती की स्थिति में समय रहते सुधार के लिए आवेदन करें।

BLO की भूमिका महत्वपूर्ण

मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। BLO स्थानीय स्तर पर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करते हैं और मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखने में मदद करते हैं।

यदि किसी मतदाता का नाम गलत कारणों से ASDDO सूची में शामिल हो गया है तो BLO के माध्यम से इसकी जांच कराई जा सकती है। सत्यापन के बाद आवश्यक सुधार किया जा सकता है।

चुनाव विभाग ने अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे मतदाताओं की शिकायतों को गंभीरता से लें और समय पर उनका समाधान सुनिश्चित करें।

SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना

स्पेशल इंटेंसिव वोटर लिस्ट रिविज़न का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। इसके तहत मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया जाता है ताकि सूची में केवल पात्र और वास्तविक मतदाताओं के नाम शामिल रहें।

इस प्रक्रिया के दौरान मृत, स्थानांतरित या डुप्लिकेट मतदाताओं के नामों की पहचान की जाती है। साथ ही, उन मामलों की भी जांच की जाती है जहां मतदाता की जानकारी में किसी तरह की असंगति पाई जाती है।

ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध

चुनाव विभाग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन माध्यम से भी जानकारी उपलब्ध कराई है। लोग अपने विधानसभा क्षेत्र और मतदान केंद्र के आधार पर ASDDO सूची में अपना नाम जांच सकते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की त्रुटि को दूर करने के लिए समय पर जानकारी देना जरूरी है। इससे चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में मदद मिलती है।

मतदाताओं से सतर्क रहने की अपील

मुख्य चुनाव अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की है कि वे चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपनी जानकारी की जांच करते रहें। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम गलती से ASDDO सूची में आ गया है तो उसे तुरंत सुधार प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

चुनाव विभाग का कहना है कि ASDDO सूची सत्यापन का हिस्सा है और इसे अंतिम हटाने की सूची नहीं माना जाना चाहिए। विभाग का लक्ष्य है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची अधिक सटीक और त्रुटिरहित हो।

कर्नाटक में SIR प्रक्रिया के दौरान सामने आए इस मामले के बाद चुनाव विभाग मतदाताओं को जागरूक करने में जुट गया है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से प्रभावित न हो।

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