बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने विवादित ‘पार्क अमेंडमेंट बिल’ को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर पिछली भाजपा सरकारों के कार्यकाल से जुड़े फैसलों की जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य बेंगलुरु के प्रसिद्ध लालबाग की सुंदरता को नुकसान पहुंचाना या उसकी पहचान को खराब करना नहीं है। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना सरकार की प्राथमिकता है।
बिल पर चर्चा का दिया भरोसा
डी.के. शिवकुमार ने कहा कि पार्क अमेंडमेंट बिल को लेकर लोगों के बीच जो चिंताएं हैं, उन पर चर्चा की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद किसी भी हरित क्षेत्र को नुकसान पहुंचाना नहीं है। उन्होंने कहा कि लालबाग जैसे ऐतिहासिक और पर्यावरणीय महत्व वाले स्थानों की सुरक्षा जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्द ही एक सूची जारी करेंगे, जिसमें ये बताया जाएगा कि पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली भाजपा सरकारों के दौरान कौन-कौन से फैसले लिए गए थे।
भाजपा पर लगाया विकास विरोधी होने का आरोप
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने भाजपा पर विकास कार्यों का विरोध करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जब सिद्धारमैया सरकार ने स्टील ब्रिज बनाने की योजना बनाई थी, तब भी भाजपा ने इसका विरोध किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार विकास परियोजनाओं में बाधा डालने का काम करती रही है।
उन्होंने कहा कि बेंगलुरु के विकास में अगर कोई रुकावट रही है तो इसके लिए भाजपा की नीतियां जिम्मेदार हैं।
बड़े प्रोजेक्ट नहीं लागू करने का लगाया आरोप
डीके शिवकुमार ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बेंगलुरु के लिए कोई बड़ा प्रोजेक्ट लागू नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार शहर के विकास, बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बेंगलुरु को आधुनिक सुविधाओं वाला शहर बनाना है, लेकिन इसके साथ पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी है।
विपक्षी नेताओं को दी नसीहत
मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं की बयानबाजी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें अशोक, विजयेंद्र और कुमारस्वामी जैसे नेताओं के खिलाफ व्यक्तिगत भाषा का इस्तेमाल करना पसंद नहीं है।
उन्होंने कहा कि जनता और पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी है और वह इस पद की गरिमा बनाए रखना चाहते हैं।
शिवकुमार ने विपक्षी नेताओं से अपील की कि वे अपनी भाषा पर नियंत्रण रखें और मुद्दों पर आधारित राजनीति करें।
लालबाग को लेकर बढ़ा विवाद
पार्क अमेंडमेंट बिल को लेकर कर्नाटक में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। विपक्षी दलों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इस बिल को लेकर चिंता जताई है।
उनका कहना है कि इससे राज्य के महत्वपूर्ण हरित क्षेत्रों पर असर पड़ सकता है।
वहीं, सरकार का कहना है कि बिल का उद्देश्य विकास और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था में सुधार करना है।
विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु जैसे तेजी से बढ़ते शहर में विकास की जरूरत है, लेकिन पर्यावरण की कीमत पर विकास नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि सरकार सभी पक्षों से बातचीत कर आगे बढ़ेगी और जनता के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी।
राजनीतिक टकराव बढ़ने के संकेत
पार्क अमेंडमेंट बिल को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
जहां कांग्रेस इसे विकास से जुड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे पर्यावरण और सार्वजनिक हितों से जोड़कर सवाल उठा रहा है।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बयान के बाद अब इस मुद्दे पर आगे की राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। सरकार की ओर से पिछली सरकारों के फैसलों की सूची जारी करने की बात ने विवाद को और चर्चा में ला दिया है।