बेंगलुरु। कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया को तेज करने के लिए चुनाव प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिरिक्त अधिकारियों की नियुक्ति की है। स्पेशल कमिश्नर (चुनाव) शिल्पा नाग ने मंगलवार को बताया कि राज्य में 1,117 अतिरिक्त असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर यानी AERO नियुक्त किए गए हैं। इन नई नियुक्तियों के बाद राज्य में SIR से जुड़े दावों, आपत्तियों और मतदाता सूची में सुधार के मामलों को देखने वाले AERO की कुल संख्या बढ़कर 1,193 हो गई है।
बेंगलुरु अर्बन जिले में SIR से जुड़े दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिल्पा नाग ने बताया कि मतदाता सूची में सुधार, नाम जोड़ने, संशोधन और आपत्तियों की सुनवाई के लिए 814 सुनवाई केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य मतदाताओं को स्थानीय स्तर पर सुविधाजनक तरीके से अपनी शिकायतें और दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर देना है।कर्नाटक में इस समय मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया चल रही है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना, पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना और गलत, डुप्लीकेट या अन्य विवादित प्रविष्टियों की जांच करना है। राज्य के अलग-अलग जिलों में इसके लिए मतदाता सुविधा केंद्र और बूथ स्तर पर सहायता व्यवस्था भी की गई है।
अतिरिक्त AERO की नियुक्ति को चुनावी प्रशासन की क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। AERO आमतौर पर इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर की सहायता करते हैं और मतदाता सूची से जुड़े आवेदनों, दावों, आपत्तियों तथा सुधार संबंधी मामलों की जांच में भूमिका निभाते हैं। बड़ी संख्या में आवेदन आने के कारण अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती से सुनवाई और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अनबुकुमार ने भी हाल में SIR प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट किया था कि केवल आवेदन या आपत्ति दाखिल होने से किसी मतदाता का नाम अपने आप सूची से नहीं हटाया जाता। उन्होंने कहा था कि नाम हटाने, जोड़ने या सुधार से जुड़े हर मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। किसी नाम को हटाने से पहले संबंधित पक्षों को नोटिस और जवाब देने का अवसर दिया जाता है।
राज्य चुनाव कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार 4 अक्टूबर तक SIR से संबंधित 22 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें नाम शामिल कराने के लिए Form 6, सुधार के लिए Form 8 और नाम हटाने या किसी प्रविष्टि पर आपत्ति के लिए Form 7 के आवेदन शामिल थे। Form 7 के तहत 91 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा था कि प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाएगी और बिना निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के किसी मतदाता का नाम नहीं हटाया जाएगा।
बेंगलुरु जैसे बड़े शहरी क्षेत्र में मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया प्रशासन के लिए विशेष चुनौती मानी जाती है। तेजी से बढ़ती आबादी, लोगों का एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में स्थानांतरण, पता बदलना और एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने जैसी परिस्थितियों के कारण यहां बड़ी संख्या में संशोधन के मामले सामने आते हैं। इसी वजह से बेंगलुरु अर्बन में बड़ी संख्या में सुनवाई केंद्र बनाए गए हैं।जिले की चुनावी संरचना भी काफी व्यापक है। बेंगलुरु अर्बन के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में सैकड़ों मतदान केंद्र हैं और लाखों मतदाता पंजीकृत हैं। आधिकारिक जिला आंकड़ों में येलहंका, ब्यातरायनपुरा, यशवंतपुर, दासरहल्ली, महादेवपुरा, बेंगलुरु साउथ और अनेकल जैसे विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाता दर्ज हैं।
SIR के दौरान उन मतदाताओं को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं जिनकी जानकारी में विसंगति पाई गई है या जिनकी पिछली मतदाता सूची से मैपिंग स्पष्ट नहीं हो पाई है। सितंबर के आखिर तक राज्य में ऐसे लाखों नोटिस जारी किए जा चुके थे। चुनाव प्रशासन का कहना है कि नोटिस का उद्देश्य संबंधित मतदाता को दस्तावेजों और जानकारी के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर देना है।चुनाव अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि यदि उन्हें कोई नोटिस मिला है या मतदाता सूची में नाम, पता, उम्र या अन्य जानकारी से जुड़ी समस्या है तो वे संबंधित ERO, AERO या मतदाता सहायता केंद्र से संपर्क करें। इसके साथ ही वोटर हेल्पलाइन नंबर 1950 के जरिए भी जानकारी ली जा सकती है। बेंगलुरु अर्बन जिला प्रशासन ने भी मतदाता सहायता के लिए यह हेल्पलाइन उपलब्ध कराई है।
1,117 अतिरिक्त AERO की नियुक्ति के बाद अधिकारियों पर काम का बोझ बांटने में मदद मिलने की उम्मीद है। चुनाव प्रशासन के सामने बड़ी संख्या में लंबित आवेदनों का परीक्षण करने और तय समयसीमा के भीतर अंतिम मतदाता सूची तैयार करने की चुनौती है।कर्नाटक में SIR प्रक्रिया के तहत विभिन्न जिलों की वेबसाइटों पर ड्राफ्ट मतदाता सूची, नोटिस प्राप्त करने वाले लोगों की जानकारी, दावे और आपत्तियां तथा मतदाता सहायता केंद्रों से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे मतदाताओं को अपने मामले की स्थिति समझने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल चुनाव प्रशासन का मुख्य जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी हो। 1,117 अतिरिक्त AERO और 814 सुनवाई केंद्रों की व्यवस्था इसी दिशा में की गई है। इससे विशेष रूप से बेंगलुरु जैसे अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में दावों और आपत्तियों का तेजी से निपटारा होने की उम्मीद है।चुनाव अधिकारियों का कहना है कि मतदाताओं को किसी भी भ्रम या अफवाह के बजाय आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए और मतदाता सूची से संबंधित समस्या होने पर निर्धारित प्रक्रिया के जरिए आवेदन करना चाहिए।