रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में युवतियों से कथित छेड़खानी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। साप्ताहिक हाट में युवतियों से अभद्रता करने के आरोप में ग्रामीणों ने दो युवकों को पकड़ लिया और उन्हें बंधक बना लिया। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और मामले का फैसला पंचायत में करने की मांग पर अड़ गए।

घटना के बाद इलाके में तनाव जैसी स्थिति बन गई। जानकारी मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि ग्रामीण तत्काल दोनों युवकों को पुलिस के हवाले करने के बजाय पहले पंचायत बुलाकर मामले पर चर्चा करने की मांग करते रहे। मामला रामगढ़ जिले के एक साप्ताहिक हाट से जुड़ा है। आरोप है कि बाजार में पहुंचीं युवतियों के साथ दो युवकों ने छेड़खानी की। इसकी जानकारी आसपास मौजूद लोगों को मिली तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने दोनों आरोपित युवकों को पकड़ लिया। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।
ग्रामीणों का कहना था कि युवतियों और महिलाओं के साथ इस तरह की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी कारण वे पंचायत के जरिए मामले पर चर्चा और आगे की कार्रवाई तय करने की बात कहते रहे। दूसरी तरफ पुलिस की प्राथमिकता दोनों युवकों को सुरक्षित हिरासत में लेकर मामले की कानूनी जांच आगे बढ़ाने की थी।
घटना की सूचना फैलते ही आसपास के गांवों से भी लोग मौके पर पहुंचने लगे। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस सतर्क रही। अधिकारियों ने लोगों से कानून अपने हाथ में नहीं लेने और शिकायत होने पर कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की अपील की। इस तरह के मामलों में आरोपों की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होती है। किसी व्यक्ति को बंधक बनाकर रखना या उसके साथ हिंसा करना कानूनी प्रक्रिया का विकल्प नहीं हो सकता। आरोप सही पाए जाने पर संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई पुलिस और न्यायिक व्यवस्था के माध्यम से की जाती है। वहीं युवतियों के साथ सार्वजनिक स्थानों पर अभद्रता और छेड़खानी की शिकायतों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी दिखाई दी। लोगों ने साप्ताहिक बाजार और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस निगरानी बढ़ाने की मांग भी उठाई।
घटना के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्थिति को शांत रखते हुए दोनों पक्षों की बात सुनना और किसी तरह के टकराव को रोकना रही। पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की कि आरोपों की जांच कानून के अनुसार की जाएगी। मामले में आरोपित युवकों का पक्ष और शिकायत से जुड़े सभी तथ्य पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होंगे। ऐसे में छेड़खानी के आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। जांच के बाद ही यह तय होगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ और किसके खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई बनती है।
रामगढ़ की इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा का मुद्दा सामने ला दिया है। साप्ताहिक हाट जैसे स्थानों पर बड़ी संख्या में ग्रामीण खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पुलिस गश्त और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल ग्रामीणों द्वारा दो युवकों को पकड़ने और पंचायत की मांग पर अड़े रहने के कारण मामला चर्चा में है। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मामले को कानूनी प्रक्रिया के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
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