उत्तरप्रदेश : मध्य प्रदेश के बाणसागर जलाशय में लगातार बढ़ रही जल आवक और कैचमेंट क्षेत्र में हो रही बारिश को देखते हुए बांध प्रबंधन ने बड़ा कदम उठाया है। जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए बाणसागर बांध के आठ रेडियल गेट खोल दिए गए हैं। बांध से बड़ी मात्रा में पानी सोन नदी में छोड़ा जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, रविवार रात आठ बजे जलस्तर निर्धारित सीमा में बनाए रखने के लिए पहले से खुले छह गेट के अलावा दो और रेडियल गेट खोल दिए गए। दोनों अतिरिक्त गेटों को दो-दो मीटर की ऊंचाई तक खोला गया है। इसके साथ ही अब बांध के कुल आठ गेट दो मीटर तक खुले हुए हैं।

सोन नदी में छोड़ा जा रहा 3277 क्यूमेक्स पानी

बाणसागर बांध से फिलहाल करीब 3277 क्यूमेक्स पानी सोन नदी में छोड़ा जा रहा है। जलाशय में लगातार पानी की आवक बनी हुई है, इसलिए बांध प्रबंधन जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि अगर जलाशय में पानी की आवक इसी तरह बढ़ती रही और जलस्तर में और वृद्धि हुई तो आवश्यकता के अनुसार सोन नदी में इससे अधिक पानी भी छोड़ा जा सकता है।

प्रशासन ने बांध की स्थिति को देखते हुए सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।

कैचमेंट क्षेत्र में बारिश से बढ़ी जल आवक

बाणसागर जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण बांध में पानी की आवक बढ़ गई है। मानसून के दौरान जलाशय में पानी का स्तर तेजी से बढ़ता है, ऐसे में बांध प्रबंधन को अतिरिक्त पानी नियंत्रित तरीके से छोड़ना पड़ता है।

रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण आने वाले दिनों में भी जलस्तर बढ़ने की संभावना बनी हुई है। इसी को देखते हुए समय रहते गेट खोलने का निर्णय लिया गया है।

प्रशासन ने जारी की निगरानी व्यवस्था

बांध से पानी छोड़े जाने के बाद सोन नदी के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

नदी किनारे रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के आसपास जाने से बचें और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सतर्क रहें।

बाणसागर बांध की महत्वपूर्ण भूमिका

बाणसागर बांध मध्य प्रदेश के प्रमुख जल संसाधन परियोजनाओं में शामिल है। यह बांध सिंचाई, जल आपूर्ति और बिजली उत्पादन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है।

बारिश के मौसम में बांध का जलस्तर नियंत्रित रखना बेहद जरूरी होता है, ताकि जलभराव और अन्य समस्याओं से बचा जा सके। इसके लिए बांध प्रबंधन समय-समय पर गेट खोलकर अतिरिक्त पानी बाहर निकालता है।

लगातार बारिश से बढ़ी चुनौती

मौसम विभाग के अनुसार, क्षेत्र में अभी भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। ऐसे में बांध में पानी की आवक बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

अधिकारियों का कहना है कि बांध की सुरक्षा और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी फैसले लिए जा रहे हैं। जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर गेट खोलने या बंद करने का निर्णय लिया जाएगा।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

बांध प्रबंधन और प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नदी और जलाशय के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

अधिकारियों का कहना है कि पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया पूरी तरह नियंत्रित है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारी की गई है।

फिलहाल बाणसागर बांध के आठ गेट खुले हुए हैं और सोन नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बारिश की स्थिति और जलाशय में पानी की आवक को देखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

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