उत्तर प्रदेश

इटावा सफारी में शेरनी राधिका की मौत डेढ़ महीने बाद हारी जिंदगी की जंग

nidhi
31 Aug 2026 11:47 AM IST
इटावा सफारी में शेरनी राधिका की मौत डेढ़ महीने बाद हारी जिंदगी की जंग
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पूंछ की चोट नहीं सह सकी राधिका इटावा सफारी में तोड़ा दम

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा सफारी पार्क से दुखद खबर सामने आई है। करीब डेढ़ महीने तक जिंदगी और मौत से जूझ रही शेरनी राधिका ने आखिरकार दम तोड़ दिया। राधिका की मौत पूंछ में लगी गंभीर चोट और उसके बाद हुई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण हुई। सफारी प्रशासन और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम लगातार उसका इलाज कर रही थी, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका।

जानकारी के मुताबिक, 10 वर्षीय शेरनी राधिका को जुलाई में सफारी पार्क में दूसरी शेरनी के साथ हुए संघर्ष के दौरान गंभीर चोट लगी थी। इस हमले में उसकी पूंछ बुरी तरह जख्मी हो गई थी। संक्रमण बढ़ने और स्थिति गंभीर होने के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह पर ऑपरेशन कर उसकी क्षतिग्रस्त पूंछ का हिस्सा अलग करना पड़ा था। पूंछ कटने के बाद राधिका की सेहत लगातार गिरती चली गई। वह सामान्य भोजन लेना बंद कर चुकी थी और काफी कमजोर हो गई थी। वन्यजीव चिकित्सकों की टीम उसकी निगरानी कर रही थी और उसे जरूरी दवाएं व उपचार दिया जा रहा था। उसे पानी और चिकन सूप दिया जा रहा था, लेकिन उसकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं आया।
डेढ़ महीने तक चला इलाज
राधिका के इलाज के लिए इटावा सफारी प्रबंधन ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद ली थी। लगातार निगरानी, दवाओं और देखभाल के बावजूद संक्रमण और कमजोरी के कारण उसकी हालत गंभीर बनी रही। सफारी प्रशासन की ओर से समय-समय पर उसकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी भी दी जा रही थी। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, शेर जैसे बड़े जानवरों में गंभीर चोट के बाद मानसिक तनाव और शारीरिक कमजोरी का असर तेजी से पड़ सकता है। प्राकृतिक आवास से अलग वातावरण में इलाज के दौरान भी ऐसे मामलों में कई चुनौतियां सामने आती हैं।
सफारी में शोक का माहौल
राधिका की मौत की खबर से इटावा सफारी पार्क में शोक का माहौल है। कर्मचारियों और वन्यजीव प्रेमियों ने उसकी मौत पर दुख जताया है। राधिका सफारी की प्रमुख शेरनियों में शामिल थी और लंबे समय से यहां पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही थी। सफारी प्रबंधन का कहना है कि पार्क में मौजूद अन्य वन्यजीवों के स्वास्थ्य पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। सभी शेरों, तेंदुओं और अन्य जानवरों की नियमित जांच की जा रही है ताकि ऐसी घटनाओं से बचाव किया जा सके।
उठे सवाल
राधिका की मौत के बाद वन्यजीव संरक्षण और सफारी में जानवरों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि कैद में रहने वाले वन्यजीवों के बीच आपसी संघर्ष को रोकने के लिए बेहतर प्रबंधन और निगरानी बेहद जरूरी है। फिलहाल इटावा सफारी प्रशासन घटना की समीक्षा कर रहा है। राधिका की मौत ने एक बार फिर वन्यजीवों की देखभाल और उनके सुरक्षित माहौल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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