नई दिल्ली: निर्माणाधीन दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस-वे पर बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य के दौरान ढाई घंटे के अंदर दो अलग-अलग दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें दो श्रमिकों की मौत हो गई। पहला हादसा स्लैब खिसकने से हुआ, जबकि दूसरे हादसे में निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूर दुर्घटना का शिकार हुए। जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान एक भारी स्लैब अचानक पिलर से फिसल गई। स्लैब गिरने से वहां काम कर रहे श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथी मजदूरों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घटना की सूचना अधिकारियों को दी।

स्लैब गिरने से मची चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक निर्माण स्थल पर सामान्य तरीके से काम चल रहा था, तभी अचानक पिलर से स्लैब का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे आ गिरी। भारी वजन वाली स्लैब की चपेट में आने से मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। बचाव दल ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन दो श्रमिकों की जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। राहत कार्य के साथ-साथ घटना की जांच भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की
सुरक्षा व्यवस्था
और तकनीकी पहलुओं की जांच कराने की बात कही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने काम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन जरूरी है। श्रमिकों की सुरक्षा के लिए हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के साथ-साथ निर्माण प्रक्रिया की नियमित निगरानी भी जरूरी होती है। इस हादसे के बाद संबंधित एजेंसियों से सुरक्षा उपायों की समीक्षा की उम्मीद जताई जा रही है।
जांच में जुटे अधिकारी
फिलहाल प्रशासन ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान किसी तकनीकी लापरवाही या सुरक्षा नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई। दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस-वे देश की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल है। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान इस तरह के हादसे चिंता का विषय बन गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद हादसे की वास्तविक वजह सामने आएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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