Kathua: हीरानगर के किसानों का प्रदर्शन, तत्काल सिंचाई जल उपलब्ध कराने की मांग

Update: 2026-02-23 13:05 GMT

हीरानगर: जिला कठुआ की तहसील हीरानगर के विभिन्न गांवों से आए किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल सिंचाई के लिए नहरों में पानी न छोड़े जाने से परेशान होकर सोमवार को जिला सचिवालय कठुआ पहुंचा और डीसी से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान किसानों ने सचिवालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन भी किया।

किसानों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण उनकी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। उनका कहना था कि विभाग के अधिकारी जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याओं से पूरी तरह अनजान हैं और कार्यालयों से बाहर निकलकर हालात का जायजा नहीं लेते। किसानों ने बताया कि इस समय खेतों में सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है लेकिन नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है जिससे फसलें लगातार खराब हो रही हैं।

किसानों के अनुसार जब उन्होंने संबंधित विभाग से पानी छोड़ने की मांग की तो उन्हें बताया गया कि नहरों की मरम्मत का कार्य चल रहा है। किसानों का कहना है कि विभाग और किसानों के बीच किसी प्रकार का तालमेल नहीं है जिसके कारण किसानों की जरूरतों के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं कराया जाता। उन्होंने कहा कि जब सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता होती है, तब पानी नहीं छोड़ा जाता और जब जरूरत नहीं होती तब पानी छोड़ दिया जाता है जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

किसानों ने बताया कि हीरानगर तहसील के कई गांवों से किसान एकजुट होकर उपायुक्त से मिले और मांग की कि दो से तीन दिनों के भीतर नहरों में पानी छोड़ा जाए ताकि खराब होने की कगार पर पहुंच चुकी फसलों को बचाया जा सके। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते पानी नहीं छोड़ा गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। किसानों ने यह भी कहा कि पहले ही समय पर बारिश न होने के कारण फसलें प्रभावित हुई हैं और अब सिंचाई विभाग की लापरवाही से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भी किसी प्रकार की राहत न मिलने पर नाराजगी जताई। किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की कि सिंचाई विभाग और कृषि विभाग के अधिकारी जमीनी स्तर पर जाकर किसानों की समस्याओं का समाधान करें और जल्द से जल्द नहरों में पानी छोड़ा जाए ताकि किसानों की मेहनत और फसलें बचाई जा सकें।

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