निर्माण कार्यों से डूबा जम्मू, जलभराव का संकट गहराया

Jammu जम्मू शहर में भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या ने एक बार फिर प्रशासन और शहर की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों और प्राकृतिक जल निकासी के रास्तों में बाधा आने के कारण बारिश का पानी आसानी से बाहर नहीं निकल पा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी शहर की जल निकासी व्यवस्था के लिए प्राकृतिक नालों, जलधाराओं और पुराने पानी के रास्तों का सुरक्षित रहना जरूरी होता है। लेकिन बढ़ते शहरीकरण, सड़कों और इमारतों के निर्माण के कारण कई जगहों पर पानी के पुराने रास्ते प्रभावित हुए हैं। इसका सीधा असर बारिश के समय देखने को मिलता है और कम समय में ज्यादा बारिश होने पर शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन जाती है।

जम्मू के कई क्षेत्रों में लोगों ने शिकायत की है कि बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा हो जाता है, जिससे आवाजाही प्रभावित होती है। कई जगहों पर घरों और दुकानों तक पानी पहुंचने की स्थिति बन जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जल निकासी की समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन लगातार बढ़ते निर्माण कार्यों के कारण स्थिति और गंभीर होती जा रही है।

शहर के विकास के लिए निर्माण कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके साथ पर्यावरण और जल प्रबंधन का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि नालों और प्राकृतिक जल मार्गों को सुरक्षित नहीं रखा गया तो आने वाले समय में जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है।

प्रशासन की ओर से समय-समय पर नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था सुधारने के प्रयास किए जाते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ अस्थायी उपायों से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके लिए शहर की प्लानिंग में जल प्रबंधन को प्राथमिकता देनी होगी।

शहरी विकास के दौरान यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि निर्माण कार्य प्राकृतिक जल प्रवाह को प्रभावित न करें। इसके अलावा पुराने नालों का संरक्षण, नए ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण और अवैध अतिक्रमण हटाना भी जरूरी कदम हो सकते हैं।

जम्मू में जलभराव की समस्या ने यह साफ कर दिया है कि विकास के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बारिश के दौरान शहर को और बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

Tags: