बद्दी: हिमाचल प्रदेश के बद्दी क्षेत्र में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के तहत करीब 10 किलो गांजे के साथ पकड़े गए एक आरोपी की 1.97 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान आरोपी की संपत्तियों और उसकी आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई गई, जिसके बाद नियमानुसार संपत्ति फ्रीज करने की कार्रवाई की गई।मामला मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा है। आरोपी को पहले करीब 10 किलो गांजे के साथ पकड़े जाने की बात कही गई है। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए उसकी चल-अचल संपत्तियों और कथित तौर पर नशे के कारोबार से अर्जित रकम की पड़ताल की गई।
1.97 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
पुलिस के अनुसार आरोपी से जुड़ी करीब 1.97 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति को फ्रीज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद संबंधित संपत्ति को बेचने, ट्रांसफर करने या किसी दूसरे व्यक्ति के नाम करने पर कानूनी प्रतिबंध लागू हो सकता है। अंतिम स्थिति संबंधित सक्षम प्राधिकारी और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी। नारकोटिक्स से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां केवल जब्त मादक पदार्थ तक सीमित नहीं रहतीं। कानून के प्रावधानों के तहत संदिग्ध तरीके से अर्जित संपत्ति और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा सकती है।
10 किलो गांजे के साथ पकड़ा गया था आरोपी
पुलिस के मुताबिक आरोपी को करीब 10 किलो गांजे के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि गांजा कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी। मामले में आरोपी के संपर्क में रहे लोगों और संभावित सप्लाई नेटवर्क की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। मोबाइल फोन, बैंक लेनदेन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड इस तरह के मामलों में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं।
आर्थिक नेटवर्क पर भी नजर
नशा तस्करी के मामलों में अवैध कारोबार से होने वाली कमाई पर चोट करने के लिए संपत्ति फ्रीज करने की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे तस्करी से जुड़े नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। हालांकि फ्रीज की गई संपत्ति को अपराध से अर्जित संपत्ति साबित करने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। आरोपी के पास भी संबंधित प्राधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखने का अधिकार होता है।
नेटवर्क की जांच जारी
अब जांच का फोकस आरोपी से जुड़े संभावित नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन पर रह सकता है। यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े थे। फिलहाल 1.97 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज किए जाने को नशा तस्करी के आर्थिक नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद संपत्ति तथा आरोपी से जुड़े अन्य पहलुओं की स्थिति और स्पष्ट होगी।
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