कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कांगड़ा पुलिस की सीआईए टीम ने बैजनाथ क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने गनखेतर रेलवे क्रॉसिंग के पास नाकाबंदी और वाहनों की जांच के दौरान कथित रूप से एक किलो 813 ग्राम चरस बरामद की। मामले में छह युवकों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, प्रकरण में शामिल बताए जा रहे 17 वर्षीय किशोर को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसके परिजनों के संरक्षण में सौंप दिया गया।
पुलिस के अनुसार, सीआईए टीम को बैजनाथ क्षेत्र में नशीले पदार्थ की तस्करी किए जाने के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने गनखेतर रेलवे क्रॉसिंग के पास नाकाबंदी की। इस दौरान मार्ग से गुजरने वाले संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच शुरू की गई। तलाशी के दौरान संदिग्धों के कब्जे से चरस मिलने का दावा किया गया।
बरामद पदार्थ का वजन कराने पर उसकी मात्रा एक किलो 813 ग्राम पाई गई। इसके बाद छह युवकों को हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बरामद चरस को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
गुप्त सूचना के बाद की गई नाकाबंदी
पुलिस का कहना है कि सीआईए टीम को मिली सूचना के आधार पर पहले कार्रवाई की योजना तैयार की गई। गनखेतर रेलवे क्रॉसिंग के आसपास नाकाबंदी कर वाहनों की निगरानी की गई। संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर संबंधित लोगों की तलाशी ली गई, जिसमें चरस की खेप मिलने की बात सामने आई।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत बरामद पदार्थ को सीज किया। इस बात की जांच की जा रही है कि चरस कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। मामले में शामिल अन्य लोगों और कथित आपूर्ति शृंखला के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरफ्तार युवक पहली बार इस प्रकार की गतिविधि में शामिल हुए थे या पहले से किसी गिरोह अथवा आपूर्तिकर्ता के संपर्क में थे। उनके मोबाइल फोन, संपर्कों और यात्रा से जुड़ी जानकारियों का परीक्षण जांच का हिस्सा हो सकता है। हालांकि इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
किशोर की पहचान गोपनीय
इस मामले में 17 वर्षीय किशोर की कथित संलिप्तता भी सामने आई है। नाबालिग होने के कारण उसके संबंध में किशोर न्याय कानून के अनुसार प्रक्रिया अपनाई गई। आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे परिजनों के संरक्षण में सौंप दिया गया। कानून के तहत किशोर की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती, इसलिए उससे संबंधित नाम, पता या पहचान उजागर करने वाली कोई जानकारी जारी नहीं की गई है।
किशोर से जुड़े मामले की सुनवाई और अन्य प्रक्रिया किशोर न्याय व्यवस्था के अंतर्गत होगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि वह किन परिस्थितियों में आरोपितों के संपर्क में आया और मामले में उसकी भूमिका क्या थी। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
चरस के स्रोत की तलाश
इस बरामदगी के बाद जांच का मुख्य केंद्र चरस के स्रोत और उसके संभावित खरीदारों की पहचान करना है। हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में चरस की तस्करी रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है। तस्कर अक्सर दूरस्थ मार्गों और संपर्क सड़कों का उपयोग कर नशीले पदार्थ एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं।
पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि बरामद खेप किस व्यक्ति से ली गई थी। इसके साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि इसकी आपूर्ति स्थानीय स्तर पर की जानी थी या इसे प्रदेश से बाहर भेजने की योजना थी। आर्थिक लेन-देन और संपर्कों की पड़ताल से पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी मिलने की संभावना है।
जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस की ओर से किसी बड़े नेटवर्क या अन्य संदिग्ध के बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
एनडीपीएस कानून के तहत मामला
पुलिस ने बरामदगी के आधार पर मादक पदार्थों से संबंधित कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार युवकों को नियमानुसार अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। अदालत से मिलने वाले निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
नशीले पदार्थ से जुड़े मामले में बरामदगी की प्रक्रिया, नमूने की जांच और प्रयोगशाला रिपोर्ट महत्वपूर्ण साक्ष्य होते हैं। जब्त पदार्थ को परीक्षण के लिए भेजे जाने के बाद रिपोर्ट से यह पुष्टि होगी कि बरामद सामग्री चरस है या नहीं। आरोपितों पर लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायालय करेगा।
युवाओं में नशे का बढ़ता खतरा
इस मामले में युवकों के साथ एक किशोर का नाम सामने आना चिंता का विषय है। नशे की आपूर्ति और तस्करी में कम उम्र के लोगों के कथित इस्तेमाल को रोकने के लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज की भागीदारी जरूरी मानी जा रही है। युवाओं को नशे से होने वाले स्वास्थ्य, सामाजिक और कानूनी नुकसान के बारे में जागरूक करना भी आवश्यक है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए जिले में नाकाबंदी, वाहन जांच और सूचना तंत्र को मजबूत किया गया है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर कार्रवाई की जा रही है। आम लोगों से भी आसपास नशीले पदार्थ की बिक्री या संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर जिम्मेदार अधिकारियों को सूचना देने की अपील की गई है।
गनखेतर रेलवे क्रॉसिंग के समीप हुई इस कार्रवाई में 1.813 किलो चरस बरामद होने का पुलिस ने दावा किया है। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि इस खेप के पीछे कौन लोग सक्रिय थे और इसकी आपूर्ति कहां की जानी थी। सभी गिरफ्तार व्यक्ति फिलहाल आरोपित हैं और उनके खिलाफ आरोप न्यायालय में साबित होना बाकी है।