शिमला। राजधानी शिमला के व्यस्त समरहिल चौक पर सोमवार दोपहर एक बस का हैंडब्रेक अचानक फेल हो गया। इसके बाद सड़क पर खड़ी बस पीछे की ओर खिसकने लगी और वहां से गुजर रहे एक वाहन से टकरा गई। घटना के समय बस में यात्री सवार थे। बस को पीछे जाता देखकर यात्रियों में हड़कंप मच गया और कुछ देर के लिए उनकी सांसें थम गईं। गनीमत रही कि बस कुछ दूरी पर वाहन से टकराकर रुक गई और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस समरहिल चौक के पास खड़ी थी। इसी दौरान उसके हैंडब्रेक में कथित रूप से तकनीकी खराबी आ गई। ढलान होने के कारण बस धीरे-धीरे पीछे की ओर बढ़ने लगी। चालक और यात्रियों को जब तक स्थिति समझ में आती, बस पीछे से गुजर रहे वाहन के पास पहुंच गई और उससे टकरा गई।
बस के अचानक पीछे खिसकने और वाहन से टकराने के कारण मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बस में बैठे यात्री घबरा गए। आसपास मौजूद लोगों ने भी शोर मचाकर सड़क से गुजर रहे दूसरे वाहन चालकों को सतर्क किया। टक्कर के बाद मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और वाहन चालक जुट गए।
टक्कर से वाहन को पहुंचा नुकसान
हादसे की चपेट में आए वाहन को नुकसान पहुंचने की सूचना है। हालांकि उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी में किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद बस और क्षतिग्रस्त वाहन को देखकर कुछ समय तक यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई। व्यस्त चौक होने के कारण सड़क पर वाहनों की कतार लगने लगी।
स्थानीय लोगों की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया और अन्य वाहनों को सावधानी से निकाला गया। घटना के बाद बस की तकनीकी स्थिति की जांच किए जाने की आवश्यकता बताई जा रही है। यह पता लगाया जाना जरूरी है कि हैंडब्रेक अचानक क्यों खराब हुआ और बस को खड़ा करते समय सुरक्षा संबंधी दूसरे उपाय अपनाए गए थे या नहीं।
समरहिल चौक शहर के व्यस्त यातायात वाले क्षेत्रों में शामिल है। यहां दिनभर स्थानीय बसों, टैक्सियों, निजी गाड़ियों और दोपहिया वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। चौक के आसपास सीमित स्थान और ढलान होने के कारण किसी वाहन में तकनीकी खराबी आने पर दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
ढलान पर वाहन खड़ा करना चुनौतीपूर्ण
शिमला की भौगोलिक परिस्थितियां मैदानी क्षेत्रों से अलग हैं। शहर की अधिकतर सड़कें ढलान और चढ़ाई वाली हैं। ऐसे में बसों सहित भारी वाहनों को खड़ा करते समय हैंडब्रेक, गियर और व्हील लॉक जैसे सुरक्षा उपायों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि किसी भारी वाहन का हैंडब्रेक ढलान पर काम करना बंद कर दे तो वह तेजी से पीछे की ओर खिसक सकता है।
समरहिल की घटना में बस के पीछे एक वाहन आ जाने से वह रुक गई, लेकिन यदि पीछे कोई वाहन या अवरोध नहीं होता तो स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी। सड़क पर पैदल चल रहे लोग या दूसरे वाहन इसकी चपेट में आ सकते थे। घटना ने सार्वजनिक परिवहन में इस्तेमाल होने वाली बसों की नियमित तकनीकी जांच और रखरखाव की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।
परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी मार्गों पर संचालित होने वाली बसों के ब्रेक, हैंडब्रेक, क्लच, टायर और स्टीयरिंग की नियमित जांच बेहद जरूरी है। वाहन को रास्ते में खड़ा करते समय चालक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हैंडब्रेक पूरी तरह लगा हो। ढलान की स्थिति में वाहन को उचित गियर में रखने तथा पहियों के आगे या पीछे स्टॉपर लगाने जैसे उपाय अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं।
यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
बस में यात्रियों की मौजूदगी के दौरान हैंडब्रेक फेल होने की घटना से सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। यात्रियों का कहना है कि बसों को निर्धारित समय पर तकनीकी जांच के बाद ही सड़क पर उतारा जाना चाहिए। ब्रेक या हैंडब्रेक में मामूली खराबी भी पहाड़ी सड़कों पर गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
ऐसी घटना के बाद संबंधित बस की पूरी यांत्रिक जांच कराना आवश्यक है। केवल हैंडब्रेक की मरम्मत पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। मुख्य ब्रेक प्रणाली, गियर, टायर और दूसरे जरूरी हिस्सों की जांच के बाद ही वाहन को दोबारा यात्रियों के लिए संचालित किया जाना चाहिए।
इस घटना से चालक और परिचालकों के प्रशिक्षण का विषय भी जुड़ा है। वाहन में अचानक तकनीकी खराबी आने पर चालक को तत्काल यात्रियों को सावधान करने, इंजन और गियर की मदद से वाहन नियंत्रित करने तथा आसपास के लोगों को सतर्क करने जैसे कदम उठाने होते हैं। पहाड़ी मार्गों के लिए विशेष प्रशिक्षण संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में मदद कर सकता है।
व्यस्त चौक पर नियमित निगरानी की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि समरहिल चौक पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। सड़क के आसपास अनियोजित तरीके से वाहन खड़े होने पर जाम और दुर्घटना दोनों का खतरा रहता है। व्यस्त समय में यातायात कर्मचारियों की मौजूदगी और पार्किंग नियमों का पालन जरूरी है।
सोमवार की घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इसे चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। बस की तकनीकी जांच के साथ घटना के कारणों की विस्तृत समीक्षा होने पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
वहीं, शुरुआती सूचना में शिमला शहर में सोमवार को दो हादसों का उल्लेख किया गया है, लेकिन दूसरे हादसे का स्थान, समय और अन्य विवरण उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए उसकी स्वतंत्र पुष्टि होने तक उससे जुड़ी जानकारी प्रकाशित करना उचित नहीं होगा।