न्यूज़ क्रेडिट : divyahimachal.com

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। दिवाली पर्व को लेकर आतिशबाजी और पटाखों से सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। दिवाली पर्व के दौरान आगजनी की घटनाओं की संभावनाएं बढ़ जाती है, जिससे जन व धन के भारी नुकसान होने अंदेशा बना रहता है। इस पर्व पर आग की ज्यादातर घटनाएं लापरवाही के कारण होती है। यदि सावधानियां बरती जाए, तो इन दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। दिवाली के अवसर पर आतिशबाजियों का अकसर प्रयोग किया जाता है। कई बार बिना सावधानी बरते आतिशबाजियों के अंधाधुंध उपयोग से खुशी का यह अवसर, मातम में तबदील हो जाता है। कुछ सावधानियां एवं सुरक्षा के उपाय इस प्रकार की दुर्घटनाओं को कम करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।

दिवाली के अवसर पर अग्निशमन विभाग द्वारा संभावित अग्नि दुर्घटनाओं से निपटने हेतु प्रदेश में 225 अग्निशमन वाहन तथा 751 अग्निशमन अधिकारी/ कर्मचारी व 858 प्रशिक्षित गृह रक्षक तैनात किए गए हैं। अग्निशमन विभाग की ओर से जारी की गई एडवाइजरी में आतिशबाजी के प्रयोग संबंधी कुछ सावधानियां बताई गई हैं। मुख्य अधिक शमन अधिकारी हिमाचल प्रदेश महेश कुमार शर्मा ने बताया कि आतिशबाजी पैकट पर लिखे अग्नि सुरक्षा निर्देशों और सावधानियों को ध्यानपूर्वक पढ़ें। इसके अलावा आतिशबाजी चलाते समय, हमेशा पानी और रेत की बाल्टी तैयार रखें। बाजू दूर करके आतिशबाजी को जलाएं और अपना चेहरा उससे दूर रखें। इसके अलावा जलते हुए पटाखों का प्रवेश रोकने के लिए अपने घर की खिड़कियों और दरवाजों को ठीक से बंद करें। पटाखे चलाते समय, बुजुर्गों, बच्चों और व महिलाओं को ध्यान रखें। अगर, दुर्घटनावश जल जाएं, तो जब तक दर्द कम न हो जाए, ठंडा पानी डालते रहें और तुरंत डाक्टर की सलाह लें।
विभाग की जनता से अपील, भीड़ वाले इलाकों में न फोड़ें पटाखे
अग्निशमन विभाग की ओर से जारी की गई एडवाइजरी में बताया है कि बच्चों को कभी भी बड़ों की अनुपस्थिति में आतिशबाजी न चलाने दें। जो आतिशबाजी न सुलगे, उसे फिर से जलाने की कोशिश न करें। इसके अलावा इमारतों के एकदम पास आतिशबाजी न चलाएं। इमारतों के आस-पास कबाड़ या किसी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री एकत्र न होने दें। घर के भीतर पटाखे न छोड़ें। बच्चों को खतरनाक और तेज आवाज वाले पटाखों के पास न आने दें। पटाखों की दुकान के पास पटाखे न चलाएं। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पटाखे न चलाएं
6:53 से रात 8:16 बजे तक करें लक्ष्मी पूजन
जवाली । भारत वर्ष में सोमवार को दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। इस बार लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 6:53 से रात 8:16 बजे तक रहेगा। पूजा की अवधि एक घंटा 21 मिनट रहेगी। वहीं, प्रदोष काल: शाम 5:43 से 8:16 बजे तक तथा वृषभ काल: शाम 6:54 से 8:50 तक रहेगा। जवाली के ज्योतिषी पंडित विपिन शर्मा के अनुसार शुभ संयोगों से युक्त इस बार की दिवाली अगली दिवाली अवधि तक मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए बहुत शुभ मानी जा रही है। दिवाली हिंदू धर्म में सबसे बड़ा और विशेष त्योहार है। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को दिवाली पर्व मनाया जाता है।
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