Faridabad: फरीदाबाद पुलिस की कार्रवाई, साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार

साइबर फ्रॉड में बार संचालक पर शिकंजा, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Update: 2026-07-28 13:49 GMT

फरीदाबाद: शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फरीदाबाद पुलिस के साइबर थाना एनआईटी ने एक अहम आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नवीन पालीवाल (42), निवासी जगतपुरी, दिल्ली के रूप में हुई है। आरोपी दिल्ली के कडक़डड़ूमा क्षेत्र में एक बार का संचालक है और उसने साइबर ठगों को एक कंपनी का बैंक खाता उपलब्ध कराया था। पुलिस ने आरोपी को मंगलवार अदालत में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, जहां उससे गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और ठगी की रकम के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि एनआईटी क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 1 अप्रैल 2026 को उसके व्हाट्सएप पर शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के जरिए अधिक मुनाफा कमाने का संदेश आया।

इसके बाद उसे विभिन्न निवेश योजनाओं का झांसा दिया गया और अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से उससे कुल छह लाख 61 लाख निवेश करा लिए गए। जब शिकायतकर्ता ने अपनी रकम और मुनाफा वापस मांगना चाहा तो आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया। खुद के साथ ठगी होने का एहसास होने पर पीडि़त ने साइबर थाना एनआईटी में शिकायत दी, जिसके आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान साइबर थाना एनआईटी की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर दिल्ली में दबिश देकर आरोपी नवीन पालीवाल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने फर्म तैयार कराने के लिए दोनों को पांच लाख दिए थे और बाद में फर्म का संयुक्त बैंक खाता खुलवाकर साइबर ठगों को उपलब्ध करा दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी बैंक खाते में मामले से संबंधित 2.20 लाख की ठगी की राशि ट्रांसफर हुई थी।

इतना ही नहीं, जांच में यह भी पता चला कि उक्त खाते में अब तक करीब एक करोड़ 24 करोड़ का लेन-देन हो चुका है। इस खाते के संबंध में दिल्ली, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र सहित चार राज्यों में सात अन्य साइबर ठगी की शिकायतें भी दर्ज हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि पियूष और रोहित, नवीन पालीवाल के कडक़डड़ूमा स्थित बार के पास संचालित एक अन्य बार में काम करते थे। बाद में वह बार बंद हो गया, इसी दौरान ही पीयूष व रोहित नवीन पालीवाल के संपर्क में आए थे। आरोपित ने लालच देकर उनके नाम से फर्म बनवाई और फर्म का बैंक खाता साइबर ठगों के नेटवर्क को उपलब्ध कराया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में पियूष को 19 जुलाई को अलीगढ़ से पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब नवीन पालीवाल की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों, फर्जी कंपनियों, बैंक खातों और ठगी की रकम के अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचने के लिए जांच की जा रही है।

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