बहादुरगढ़। नजफगढ़ रोड पर झाड़ौदा बॉर्डर से पहले बालाजी मंदिर के पास शहर के भव्य राम द्वार के निर्माण कार्य का गुरुवार को विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुभारंभ किया गया। करीब सवा करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह द्वार धार्मिक आस्था और शहर की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक के रूप में विकसित किया जाएगा।

नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी और भाजपा के विधानसभा प्रत्याशी रहे दिनेश कौशिक ने निर्माण स्थल पर भूमि पूजन कर कार्य की शुरुआत की। बालाजी मंदिर के महंत महामंडलेश्वर गणेश दास महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद विधिवत रूप से निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया।

नजफगढ़ रोड पर बनने वाले इस राम द्वार को शहर के प्रमुख प्रवेश द्वारों में शामिल करने की योजना है। झाड़ौदा बॉर्डर से पहले बालाजी मंदिर के पास इसका निर्माण होने से दिल्ली की ओर से बहादुरगढ़ आने वाले लोगों को शहर में प्रवेश करते समय यह द्वार दिखाई देगा।

निर्माण पर करीब सवा करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। राम द्वार के माध्यम से शहर के प्रवेश मार्ग को नया स्वरूप देने के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी प्रदर्शित करने का प्रयास किया जा रहा है।

भूमि पूजन कार्यक्रम में नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में शहरों के विकास के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बहादुरगढ़ में भी विभिन्न विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

सरोज राठी ने शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में शहर के विकास कार्यों को गति दी जा रही है। राम द्वार का निर्माण भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कार्य है।

उन्होंने कहा कि शहर का विकास केवल सड़क, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना भी जरूरी है। राम द्वार के निर्माण से शहर को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

कार्यक्रम के दौरान दिनेश कौशिक ने भी राम द्वार के निर्माण को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शहर में विकास कार्यों के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़े स्थलों और संरचनाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

बालाजी मंदिर के पास राम द्वार बनाए जाने से इस क्षेत्र का स्वरूप भी बदलेगा। नजफगढ़ रोड बहादुरगढ़ के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है और यहां से बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में मुख्य मार्ग पर बनने वाला भव्य प्रवेश द्वार शहर की पहचान से भी जुड़ जाएगा।

भूमि पूजन के दौरान धार्मिक विधि-विधान का पालन किया गया। महामंडलेश्वर गणेश दास महाराज के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा संपन्न हुई। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू करने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई।

राम द्वार के निर्माण को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इसे धार्मिक आस्था से जुड़ी पहल बताया। निर्माण पूरा होने के बाद यह नजफगढ़ रोड पर शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है।

करीब सवा करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले द्वार के निर्माण में इसकी भव्यता और सांस्कृतिक स्वरूप पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य ऐसा प्रवेश द्वार तैयार करना है, जो शहर में आने वाले लोगों को बहादुरगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से परिचित करा सके।

झाड़ौदा बॉर्डर दिल्ली और हरियाणा के बीच महत्वपूर्ण संपर्क क्षेत्र है। नजफगढ़ की तरफ से बहादुरगढ़ में प्रवेश करने वाले वाहन इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। इसी वजह से राम द्वार के निर्माण के लिए बालाजी मंदिर के पास का स्थान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नगर परिषद की ओर से शहर में विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। राम द्वार का निर्माण इसी क्रम में शुरू किया गया है। चेयरपर्सन सरोज राठी ने कहा कि बहादुरगढ़ में विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत किसी भी शहर की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के लिए ऐसे निर्माण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राम द्वार के निर्माण की शुरुआत के अवसर पर आयोजित पूजा कार्यक्रम में धार्मिक परंपराओं के अनुसार सभी अनुष्ठान किए गए। इसके बाद निर्माण स्थल पर काम शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

शहर के प्रवेश मार्ग पर बनने के कारण इस द्वार का महत्व केवल धार्मिक संरचना तक सीमित नहीं रहेगा। इसे बहादुरगढ़ के एक प्रमुख पहचान चिह्न के रूप में भी देखा जा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद दिल्ली की ओर से आने वाले लोगों के लिए यह शहर के प्रवेश का प्रमुख संकेत बनेगा।

सरोज राठी ने कहा कि सरकार के स्तर पर शहरों में विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। बहादुरगढ़ में भी आधारभूत सुविधाओं के साथ सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक महत्व के कार्यों पर ध्यान दिया जा रहा है।

राम द्वार के निर्माण के लिए करीब सवा करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इस राशि से द्वार की संरचना और उससे जुड़े आवश्यक निर्माण कार्य किए जाएंगे।

बालाजी मंदिर के महंत महामंडलेश्वर गणेश दास महाराज की मौजूदगी में हुए भूमि पूजन के बाद निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत हो गई है। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था और शहर की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने की बात प्रमुखता से सामने आई।

नजफगढ़ रोड पर बनने वाला यह राम द्वार बहादुरगढ़ के प्रवेश क्षेत्र को नया स्वरूप देगा। नगर परिषद की योजना के अनुसार निर्माण पूरा होने के बाद यह शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्रमुख प्रतीक बनेगा।

फिलहाल भूमि पूजन के साथ निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। अब करीब सवा करोड़ रुपये की लागत से राम द्वार को तैयार किया जाएगा। नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी और दिनेश कौशिक ने निर्माण कार्य की शुरुआत करते हुए इसे शहर के विकास और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल बताया।

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