Himachal नाथू राम चौहान बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य और अन्य मामले की सुनवाई एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ अफ़रोज़ अहमद की पीठ ने की। ट्रिब्यूनल ने प्रतिवादी अधिकारियों को नोटिस जारी किया है और मामले को 9 दिसंबर, 2026 को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
आवेदक ने जिले के कफोटा, सतौन, राजबन, पांवटा साहिब, संगड़ाह और शिलाई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर चूना पत्थर खनन और स्टोन क्रशर के संचालन का आरोप लगाया है, जो भौगोलिक रूप से चूना पत्थर से समृद्ध है। याचिका में 18 अगस्त, 2026 को कफोटा तहसील के कामरौ के पास बागनाधर में भीमगोड़ा चूना पत्थर खदान में एक बड़े भूस्खलन में अवैज्ञानिक और अवैध खनन की कथित भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया है।
ट्रिब्यूनल के सामने रखे गए आरोपों के मुताबिक, इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी. आवेदक ने आगे दावा किया कि मृतकों के परिवारों को केवल 20,000 रुपये का मुआवजा दिया गया था। आरोपों को साबित करने के लिए आवेदक ने तारीखों और भू-निर्देशांक वाले दस्तावेजों सहित समाचार रिपोर्टों, तस्वीरों और अन्य सामग्री पर भरोसा किया।
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