Chandigarh. चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, उन्हें पद से हटाने और गिरफ्तार करने की मांग दोहराई। पंजाब कांग्रेस ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शन में CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई। चुनाव आयोग विपक्ष के “वोट चोरी” जैसे आरोपों को खारिज करता रहा है।
परगट सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा 2023 में चुनाव आयुक्तों से संबंधित कानून बनाए जाने के बाद मौजूदा स्थिति पैदा हुई। उन्होंने दावा किया कि उस समय संसद में बड़ी संख्या में विपक्षी सांसद निलंबित थे और इसी दौरान यह कानून पारित किया गया। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे कथित “वोट चोरी” के आरोपों को भी दोहराया। ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं और इनके आधार पर किसी व्यक्ति के आपराधिक दोष की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
2023 का Chief Election Commissioner and Other Election Commissioners Act मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और कार्यकाल से संबंधित है। इसके तहत चयन समिति में प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल होते हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तौर पर प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश वाली समिति से नियुक्ति की व्यवस्था दी थी, जो संसद द्वारा कानून बनाए जाने तक लागू रहनी थी।
इस कानून की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। 23 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने इससे जुड़े मामलों को मुख्य न्यायाधीश के सामने रखने का निर्देश दिया, ताकि उचित संख्या वाली संविधान पीठ के गठन पर विचार किया जा सके। परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि चुनाव आयोग से जुड़े कथित मामलों की जवाबदेही तय हो और संस्थानों की स्वतंत्रता बहाल की जाए। उन्होंने दो अन्य चुनाव आयुक्तों का भी जिक्र करते हुए कहा कि सामने आई आपत्तियों ने आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा करीब दस महीने में मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने, फॉर्म-6, चुनावी डेटा और SIR प्रक्रिया सहित विभिन्न मामलों में आपत्तियां दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे चुनाव आयोग से जवाब मांगने का आधार बताया है।
परगट सिंह ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और स्वतंत्रता बनाए रखना जरूरी है। कांग्रेस इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही है। हालांकि इन मांगों और आरोपों पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष किसी सक्षम जांच या न्यायिक प्रक्रिया से ही तय होगा।