छत्तीसगढ़ विधानसभा में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल को दी गई श्रद्धांजलि
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय शिवराज पाटिल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनका विगत 12 दिसम्बर 2025 को महाराष्ट्र के लातूर में निधन हो गया था। उनके निधन से देश की राजनीति और संसदीय परंपराओं को अपूरणीय क्षति हुई है। विधानसभा की कार्यवाही प्रारंभ होते ही विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सदन को इस दुखद समाचार से अवगत कराया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, मंत्रीगणों एवं विधानसभा के सभी सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए सदन में कुछ क्षण का मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि प्रस्ताव के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्वर्गीय शिवराज पाटिल के लंबे और गौरवशाली राजनीतिक जीवन को याद किया। उन्होंने कहा कि श्री पाटिल लगातार सात बार लोकसभा के सदस्य रहे, जो अपने आप में उनकी लोकप्रियता और जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों में मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं। संसदीय कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाई। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के रूप में शिवराज पाटिल ने संसदीय मर्यादाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। विशेष रूप से संसद की कार्यवाही के टेलीविजन प्रसारण की शुरुआत और उसे व्यवस्थित रूप देने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा, जिससे देश के आम नागरिकों को संसद की कार्यवाही से सीधे जुड़ने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय शिवराज पाटिल एक अनुभवी, संवेदनशील और दूरदर्शी राजनेता थे। उन्होंने डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में केंद्रीय गृहमंत्री का दायित्व निभाया। ऐसे समय में जब देश आंतरिक और बाह्य सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा था, उन्होंने गृह मंत्री के रूप में अपने दायित्वों का अत्यंत जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लातूर संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए श्री पाटिल ने क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्य किया। विशेष रूप से लातूर में आए भीषण भूकंप के बाद राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा, जिसे क्षेत्र की जनता आज भी स्मरण करती है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी सदन को संबोधित करते हुए स्वर्गीय शिवराज पाटिल के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया। उन्होंने कहा कि उनका निधन देश के लिए एक बड़ी क्षति है। श्री पाटिल विधि और संविधान के गहन जानकार थे और संसदीय परंपराओं के प्रति उनका सम्मान सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहा। उनका संपूर्ण राजनीतिक जीवन सेवा, सादगी और लोकतांत्रिक मूल्यों को समर्पित रहा। सदन में उपस्थित सभी सदस्यों ने एक स्वर में स्वर्गीय शिवराज पाटिल के योगदान को नमन किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।