Gaurela. गौरेला। इलेक्ट्रिक स्कूटी की डीलरशिप दिलाने के नाम पर गौरेला के एक ऑटो पार्ट्स व्यापारी से 3 लाख 60 हजार 500 रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि अज्ञात लोगों ने खुद को एथर एनर्जी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर व्यापारी से संपर्क किया और डीलरशिप रजिस्ट्रेशन समेत अलग-अलग शुल्क के नाम पर कई बैंक खातों में रकम जमा कराई। पैसे मिलने के बाद डीलरशिप नहीं मिलने और कथित प्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर बंद होने पर व्यापारी को ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित की शिकायत पर गौरेला पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम अहिरानटोला बांधामूड़ा निवासी खुशीराम यादव गौरेला के रेस्ट हाउस रोड डीपूपाड़ा में ‘बाबा ऑटो पार्ट्स’ नाम से दुकान संचालित करते हैं। उन्होंने गौरेला थाने में शिकायत देकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी है।
शिकायत के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को खुशीराम के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर खुद को एथर एनर्जी कंपनी का प्रतिनिधि बताया। उसने व्यापारी को इलेक्ट्रिक स्कूटी की डीलरशिप या एजेंसी दिलाने का प्रस्ताव दिया। इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से अन्य लोगों ने भी खुशीराम से संपर्क करना शुरू किया। आरोप है कि फोन करने वालों ने उन्हें डीलरशिप हासिल करने की प्रक्रिया समझाई और रजिस्ट्रेशन सहित विभिन्न शुल्क जमा करने के लिए कहा। कथित कंपनी प्रतिनिधियों की बातों पर भरोसा करते हुए व्यापारी ने उनके बताए अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। शिकायत के मुताबिक, 28 अगस्त को 75 हजार 500 रुपए जमा किए गए। इसके बाद 3 सितंबर को 2 हजार रुपए और 4 सितंबर को 90 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए।
इसके बाद 5 सितंबर को व्यापारी ने NEFT के माध्यम से 1 लाख 93 हजार रुपए और भेज दिए। इस तरह अलग-अलग तारीखों में कुल 3 लाख 60 हजार 500 रुपए कथित ठगों के बताए बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूरी रकम लेने के बाद भी उसे इलेक्ट्रिक स्कूटी की डीलरशिप नहीं मिली। शुरुआत में संबंधित लोग अलग-अलग कारण बताकर प्रक्रिया पूरी होने का आश्वासन देते रहे। लगातार देरी होने पर व्यापारी ने अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन आरोपियों ने पैसे भी नहीं लौटाए। इसके बाद कथित प्रतिनिधियों ने व्यापारी के फोन से बचना शुरू कर दिया और बाद में संपर्क के लिए इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबर बंद हो गए। तब खुशीराम को अपने साथ साइबर ठगी होने का संदेह हुआ और उसने गौरेला पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस ने व्यापारी की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई और जिन मोबाइल नंबरों से व्यापारी से संपर्क किया गया था, उनके आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। मामला ऑनलाइन डीलरशिप और एजेंसी के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर भी सतर्क करता है। किसी कंपनी की डीलरशिप लेने से पहले उसके आधिकारिक माध्यम से प्रस्ताव और भुगतान संबंधी जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है। अनजान नंबर से आए प्रस्ताव पर सीधे रकम ट्रांसफर करना नुकसान का कारण बन सकता है।