Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में पांचवीं कक्षा के 11 वर्षीय छात्र को कथित रूप से डराकर करीब 1 लाख 77 हजार रुपये की अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि परफ्यूम बेचने के नाम पर छात्र पर पैसे देने का दबाव बनाया गया और रकम नहीं देने पर मारपीट करने तथा हाथ-पैर तोड़ने की धमकी दी गई। मामले में खमतराई थाना पुलिस ने एक नाबालिग और उसकी मां के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, पीड़ित छात्र की पहचान आरोपी नाबालिग से कोचिंग के दौरान हुई थी। दोनों के बीच परिचय होने के बाद कथित तौर पर परफ्यूम बेचने की बात सामने आई। आरोप है कि आरोपी नाबालिग और उसकी मां ने छात्र से परफ्यूम के नाम पर रुपये की मांग करनी शुरू कर दी। शिकायत के अनुसार, रुपये देने से इनकार करने पर छात्र को मारपीट करने और उसके हाथ-पैर तोड़ने का डर दिखाया गया। इससे छात्र भयभीत हो गया और उसने इस बारे में शुरुआत में अपने परिजनों को कोई जानकारी नहीं दी।
अलमारी से निकालता रहा नकदी
आरोप है कि डर के कारण छात्र ने 27 जुलाई से अपने घर की अलमारी में रखे रुपये निकालने शुरू कर दिए। इसके बाद वह अलग-अलग समय पर आरोपी नाबालिग और उसकी मां को रकम देता रहा। इस तरह छात्र द्वारा करीब 1 लाख 77 हजार रुपये दिए जाने का आरोप लगाया गया है। लगातार घर से रुपये कम होने और घटनाक्रम की जानकारी सामने आने के बाद परिजनों को मामले का पता चला। परिजनों ने छात्र से पूछताछ की तो कथित वसूली की बात सामने आई। इसके बाद परिवार ने खमतराई थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
नाबालिग और उसकी मां के खिलाफ FIR
परिजनों की शिकायत के आधार पर खमतराई पुलिस ने आरोपी नाबालिग और उसकी मां के खिलाफ मामला दर्ज किया है। चूंकि मामले में एक आरोपी नाबालिग है, इसलिए उससे संबंधित कार्रवाई किशोर न्याय कानून के प्रावधानों के तहत की जाएगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि छात्र से वास्तव में कितनी रकम ली गई और रुपये किन-किन तारीखों पर दिए गए। इसके साथ ही रकम के इस्तेमाल और दोनों आरोपियों की कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है। पीड़ित छात्र और उसके परिजनों के बयान के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।