अश्लील तस्वीर वायरल करने की मिली धमकी, युवक ने की खुदकुशी

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Update: 2026-01-10 16:22 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले में मर्ग जांच के बाद गंभीर खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक को अश्लील तस्वीर वायरल करने की धमकी देकर रुपए-पैसों की मांग की जा रही थी, जिससे मानसिक रूप से प्रताड़ित होकर युवक ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। इस मामले में पुलिस ने पांच परिचित आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। थाना सिविल लाइन रायपुर में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक द्वारा मर्ग क्रमांक 44/2025 धारा 194 BNSS की जांच की गई। जांच के दौरान मृतक के परिजनों—मां संजना छुरा, बहन झूमका छुरा, भाई कृष्णा छुरा सहित अन्य लोगों के कथन दर्ज किए गए। साथ ही घटना स्थल का निरीक्षण कर पंचनामा कार्रवाई की गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट से मौत
मृतक का पोस्टमार्टम डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रायपुर में कराया गया। डॉक्टर द्वारा जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की मृत्यु का कारण सिर में गंभीर चोट लगना बताया गया है। मेडिकल दस्तावेजों में Diffuse SAH एवं SDH (दिमाग में गंभीर अंदरूनी रक्तस्राव) का उल्लेख किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मृतक सुदर्शन छुरा, पिता विष्णु छुरा, उम्र 28 वर्ष, निवासी न्यू शांति नगर, गोरखा कॉलोनी, शंकर नगर, थाना सिविल लाइन रायपुर का रहने वाला था। घटना 21 अक्टूबर 2025 को शाम करीब 4:50 बजे की बताई गई है। घायल अवस्था में उसे डीकेएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

ब्लैकमेलिंग से मानसिक प्रताड़ना का खुलासा
मर्ग जांच के दौरान पंचों और परिजनों के बयान में यह तथ्य सामने आया कि मृतक के कुछ परिचित—लक्ष्मी नायक उर्फ पाम्पलेट, बीरू उर्फ बीरेंद्र हरपाल, संजु सैनी, सुजल और जिया निहाल—द्वारा उसे लगातार परेशान किया जा रहा था। आरोप है कि ये लोग मृतक को उसकी कथित अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर रुपए-पैसों की मांग कर रहे थे। जांच में यह भी पाया गया कि इस धमकी और मानसिक दबाव के कारण मृतक अत्यधिक तनाव में था। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि लगातार ब्लैकमेलिंग और प्रताड़ना से तंग आकर मृतक ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।

मर्ग से अपराध में बदला मामला
मर्ग जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने पाया कि इस मामले में धारा 108 बीएनएस (आत्महत्या के लिए उकसाना) एवं धारा 3(5) बीएनएस के तहत अपराध घटित होना पाया गया है। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ विधिवत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। थाना सिविल लाइन पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े कॉल डिटेल्स, डिजिटल साक्ष्य, सोशल मीडिया गतिविधियों और लेनदेन से संबंधित बिंदुओं की गहन जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जा सकता है।
पुलिस
का यह भी कहना है कि मामले में तकनीकी साक्ष्य अहम भूमिका निभाएंगे। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग किस तरह युवाओं की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग या धमकी की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
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