कुसमुंडा खदान में कर्मचारी की संदिग्ध मौत, वायरल वीडियो से उठे कई सवाल
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Korba. कोरबा। जिले की एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना की खदान में कार्यरत कर्मचारी प्रेम सिंह ध्रुव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के वास्तविक कारणों को लेकर अब तक एसईसीएल प्रबंधन और पुलिस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसके चलते मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। जानकारी के अनुसार, घटना रविवार रात की बताई जा रही है। खदान क्षेत्र में गंभीर रूप से घायल मिले कर्मचारी प्रेम सिंह ध्रुव को तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक प्रेम सिंह ध्रुव कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड अंतर्गत बिछिया गांव का निवासी बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों और कर्मचारियों में शोक का माहौल है।
सोशल मीडिया वीडियो से बढ़ी चर्चाएं
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि कर्मचारी किसी भारी वाहन के पहिये की चपेट में आ गया था, जिसके कारण वह गंभीर रूप से घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई। हालांकि, वायरल वीडियो और उसमें किए जा रहे दावों की अभी तक किसी सक्षम अधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस और प्रबंधन की जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
घटना को लेकर उठ रही पारदर्शी जांच की मांग
स्थानीय लोगों और कर्मचारी वर्ग में इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि खदान जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में घटना की पूरी जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। कुछ लोगों का आरोप है कि घटना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को सामने नहीं लाया जा रहा है। वहीं, यह भी चर्चा है कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों को वीडियो बनाने से रोका गया। हालांकि, इन दावों की भी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कर्मचारियों में नाराजगी
घटना के बाद खदान कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि मृत कर्मचारी की मौत का वास्तविक कारण सामने आ सके। लोगों का कहना है कि यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या किसी अन्य स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के दौरान घटनास्थल की परिस्थितियों, सुरक्षा मानकों और अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और उससे जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।