छत्तीसगढ़
अमरनाथ यात्रा में दिखा बुजुर्ग महिला का जज्बा, 70 की उम्र में अकेले कर रहीं कठिन सफर
Shantanu Roy
7 July 2026 1:45 PM IST

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छग
Jammu & Kashmir/Raipur. जम्मू-कश्मीर/रायपुर। अमरनाथ यात्रा के दौरान आस्था और हौसले की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। 70 साल की उम्र में तमिलनाडु की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला बिना किसी परिजन, बिना किसी सहायक और बिना किसी सामान के अकेले अमरनाथ यात्रा पर निकली हैं। भारी भीड़ और कठिन पहाड़ी रास्तों के बीच उनका आत्मविश्वास लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है। जानकारी के अनुसार, यह बुजुर्ग महिला 19 जून 2026 को अपने घर से अमरनाथ यात्रा के लिए निकली थीं। उनके परिवार में दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने अकेले ही बाबा बर्फानी के दर्शन करने का निर्णय लिया और ट्रेन से जम्मू-कश्मीर पहुंचीं।
अमरनाथ यात्रा मार्ग पर उनकी मुलाकात जनता से रिश्ता के वेबसाइट ऑपरेटर सिद्धांत श्रीवास से हुई। सिद्धांत श्रीवास इन दिनों अमरनाथ यात्रा पर गए हुए थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात अमरनाथ जोजिला आर्मी ट्रैकिंग कैंप के पास हुई, जो शेषनाग क्षेत्र के आसपास स्थित है। सिद्धांत ने बताया कि बुजुर्ग महिला पूरी तरह अकेली यात्रा कर रही थीं। उनके साथ न कोई परिवार का सदस्य था और न ही कोई मदद करने वाला व्यक्ति। वह कठिन पहाड़ी रास्तों पर खुद ही ट्रैकिंग कर रही थीं। यात्रा के दौरान सिद्धांत ने उनकी मदद करते हुए उन्हें दो बार पानी भी पिलाया।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि महिला अपने साथ कोई सामान तक नहीं लेकर आई थीं। उनके पास मोबाइल फोन भी नहीं था। बातचीत के दौरान उन्होंने अपना मोबाइल नंबर बताया, लेकिन पता चला कि वह अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़कर आई हैं। ऐसे में यात्रा के दौरान किसी से संपर्क करना उनके लिए संभव नहीं है। इसके बावजूद महिला के चेहरे पर आत्मविश्वास और बाबा अमरनाथ के प्रति गहरी आस्था दिखाई दी। उन्होंने बताया कि वह अमरनाथ यात्रा पूरी करने के बाद दिल्ली, हरिद्वार और ऋषिकेश होते हुए उत्तराखंड जाने की योजना बना रही हैं। अमरनाथ यात्रा को देश की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में से एक माना जाता है।
ऊंचाई, ठंड, लंबा पैदल रास्ता और मौसम की चुनौतियों के बीच 70 साल की उम्र में अकेले यह सफर करना आसान नहीं है। लेकिन तमिलनाडु की इस महिला ने अपने साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति से साबित कर दिया कि उम्र किसी भी लक्ष्य के सामने बाधा नहीं होती। अमरनाथ यात्रा की भारी भीड़ के बीच अकेली चल रही इस बुजुर्ग महिला को देखकर कई यात्रियों ने उनके जज्बे की सराहना की। उनकी कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो उम्र या परिस्थितियों के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं। हालांकि, ऐसे कठिन यात्रा मार्गों पर बुजुर्ग यात्रियों को सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। प्रशासन और यात्रा से जुड़े दल भी समय-समय पर श्रद्धालुओं से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सहायता लेने की अपील करते हैं। फिलहाल, यह 70 वर्षीय महिला अपनी आस्था और हिम्मत के सहारे बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए आगे बढ़ रही हैं। उनकी यात्रा ने अमरनाथ मार्ग पर मौजूद लोगों के बीच एक सकारात्मक संदेश दिया है।
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