ईद मिलादुन्नबी जुलूस में पटाखे फेंकने को लेकर चाकूबाजी, पीड़ित को आरोपी बना रही पुलिस
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी के आजाद चौक, गोलबाजार और मौदहापारा थाना क्षेत्रों की सीमा से लगे इलाके में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। मामले को लेकर सुन्नी हन्फी मस्जिद ईदगाह भाठा के मुतवल्ली ने पुलिस को शिकायत आवेदन देकर घटना की निष्पक्ष जांच, आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के मुताबिक, ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर ईदगाह भाठा से जुलूस निकाला गया था। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जयस्तंभ चौक से तात्यापारा चौक स्थित महाराणा प्रताप प्रतिमा के पास पहुंचा। आरोप है कि इसी दौरान मोमिन पारा के कुछ युवक जुलूस की दिशा में बम या पटाखे जलाकर फेंक रहे थे। इससे जुलूस में शामिल महिलाओं, बच्चों और अन्य लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता की स्थिति पैदा हो गई।
जुलूस में शामिल आरिफ और अन्य लोगों ने युवकों को समझाते हुए जुलूस के बीच पटाखे नहीं फेंकने के लिए कहा। इसके बावजूद आरोप के अनुसार आदिल और अज़हर नामक युवक बार-बार पटाखे फेंकते रहे। इसको लेकर जुलूस में विवाद की स्थिति बनने लगी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी दौरान आदिल ने गाली-गलौज की, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद मोमिन रोड स्थित फोटो लाइफ दुकान के पास विवाद बढ़ गया। आदिल और अज़हर ने शिकायतकर्ता के पुत्र सुफियान के साथ मारपीट शुरू कर दी। जिसके बाद अरशद और मॉन्टी नाम के लड़कों ने चाकूबाजी की घटना को अंजाम दिया और वहां से भाग खड़े हुए थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद शिकायतकर्ता और आरिफ भी मौके पर पहुंचे। हालांकि इसके बाद घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा, इसकी पूरी जानकारी उन्हें नहीं है। इसी वजह से शिकायतकर्ता ने पुलिस से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
CCTV फुटेज सुरक्षित कर जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने पुलिस से मांग की है कि घटना स्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज तत्काल सुरक्षित कराई जाए और उसे जांच में शामिल किया जाए। उनका कहना है कि CCTV फुटेज के माध्यम से यह स्पष्ट हो सकता है कि घटनास्थल पर वास्तव में क्या हुआ, किसने पटाखे फेंके, विवाद की शुरुआत किस तरह हुई और मारपीट में कौन-कौन शामिल था। आवेदन में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की भी जांच करने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि CCTV और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी के आधार पर ही वास्तविक घटनाक्रम सामने आ सकता है।
पुलिस जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जुलूस के दौरान विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और मारपीट की घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान सामने आए इस विवाद ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए और किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।