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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती घोटाले में जेल में बंद पूर्व चेयरमैन और सेवानिवृत्त IAS अधिकारी टामन सिंह सोनवानी की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें राजधानी रायपुर स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट, डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की देखरेख में उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। हृदय की धड़कन असामान्य रूप से धीमी होने और हार्ट अटैक की आशंका को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें पेसमेकर लगाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 अगस्त को टामन सिंह सोनवानी की तबीयत अचानक खराब हुई थी। जांच के दौरान उनमें ब्रेडीकार्डिया की स्थिति पाई गई। इस स्थिति में हृदय की धड़कन सामान्य से काफी कम हो जाती है, जिससे कमजोरी, चक्कर, सांस लेने में परेशानी और बेहोशी जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया और कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने सोनवानी की आवश्यक जांच की। उन्हें करीब 24 घंटे तक लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। जांच रिपोर्ट और स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन करने के बाद डॉक्टरों ने हृदयाघात के संभावित खतरे को देखते हुए पेसमेकर लगाने का निर्णय लिया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी स्थिति नियंत्रण में बताई गई है।
टामन सिंह सोनवानी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के बहुचर्चित भर्ती घोटाले में आरोपी हैं। इस मामले में विभिन्न जांच एजेंसियां भर्ती परीक्षाओं और चयन प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की पड़ताल कर रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने भी धनशोधन से जुड़े पहलुओं की जांच करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की है। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद जेल प्रशासन ने जरूरी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
इससे पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने सोनवानी को गिरफ्तार किया था। सीबीआई का आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान सीजीपीएससी की भर्ती प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किया गया और कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य प्रशासनिक पदों पर चयन में पक्षपात तथा अवैध लेन-देन की शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं आरोपों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया और संबंधित लोगों से पूछताछ की गई।
सीजीपीएससी भर्ती विवाद सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में भी इसे लेकर बहस हुई थी। अभ्यर्थियों और कई संगठनों ने चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी। आरोप लगाया गया था कि योग्य उम्मीदवारों के हित प्रभावित हुए और चयन में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए दस्तावेजों, परीक्षा परिणामों, चयन सूची और संदिग्ध आर्थिक लेन-देन की जांच की जा रही है। हालांकि आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
सोनवानी के स्वास्थ्य को लेकर अस्पताल और जेल प्रशासन सतर्क हैं। डॉक्टरों के अनुसार, पेसमेकर लगाए जाने के बाद हृदय की धड़कन को सामान्य रखने में मदद मिलती है, लेकिन मरीज को कुछ समय तक निगरानी और सावधानी की जरूरत होती है। इसलिए उनकी जांच लगातार की जा रही है। डॉक्टर उनकी अन्य स्वास्थ्य स्थितियों का भी मूल्यांकन कर रहे हैं, ताकि किसी प्रकार की जटिलता उत्पन्न न हो। फिलहाल टामन सिंह सोनवानी की हालत स्थिर और नियंत्रण में बताई जा रही है। अस्पताल से छुट्टी देने का निर्णय उनकी आगामी जांच रिपोर्ट और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह के आधार पर लिया जाएगा। दूसरी ओर, सीजीपीएससी भर्ती घोटाले से जुड़ी जांच और कानूनी कार्रवाई अपनी प्रक्रिया के अनुसार जारी है। इस प्रकरण में जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और अदालत की सुनवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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