Raipur. रायपुर। साइबर अपराध के बढ़ते खतरे और ऑनलाइन ठगी से लोगों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से रायपुर नॉर्थ जोन पुलिस ने साइबर जागृति अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में 15 सितंबर 2026 को नॉर्थ जोन के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ कुल 40 स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में लोगों को डिजिटल अरेस्ट, UPI फ्रॉड, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और बैंकिंग जानकारी के जरिए होने वाली ठगी से बचने के तरीके बताए गए। नॉर्थ जोन पुलिस की ओर से चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रमों के दौरान पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीके अपनाकर बैंक खाते और व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी बड़ी आर्थिक ठगी से बचा सकती है।
अभियान के तहत गुढ़ियारी थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 25 स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं खम्हारडीह थाना क्षेत्र में 5 और खमतराई थाना क्षेत्र में 8 स्थानों पर लोगों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी गई। उरला और पंडरी थाना क्षेत्रों में एक-एक स्थान पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस तरह नॉर्थ जोन में एक दिन में कुल 40 स्थानों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। उरला थाना क्षेत्र में रातु सरिया यूनिट-1 इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां करीब 50 कर्मचारियों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के बारे में बताया गया। पंडरी थाना क्षेत्र के मनीष चिकन मोहल्ला में भी करीब 20 से 25 लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस ने कार्यक्रमों में बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति को OTP, UPI PIN, CVV और बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी नहीं देनी चाहिए। बैंक या किसी अन्य संस्था का प्रतिनिधि बताकर फोन करने वाले व्यक्ति को भी बिना सत्यापन के कोई संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई। लोगों को डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराध के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि डर या दबाव में आकर किसी अनजान खाते में रकम ट्रांसफर नहीं करनी चाहिए। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान QR कोड स्कैन करने से भी बचना चाहिए। किसी कॉल या मैसेज में तत्काल भुगतान करने का दबाव बनाया जाए तो पहले उसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए।
नॉर्थ जोन पुलिस ने लोगों से कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसी घटना होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए कार्रवाई के साथ जन-जागरूकता भी जरूरी है। लोग डिजिटल लेन-देन के दौरान सावधानी बरतें और अपनी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखें तो कई तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। नॉर्थ जोन पुलिस ने साइबर जागृति अभियान के तहत आगे भी अलग-अलग इलाकों में जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने की बात कही है।