औषधि अधिनियम उल्लंघन पर विशेष न्यायालय ने दिखाई कड़ी कार्रवाई

छग

Update: 2025-12-01 14:15 GMT
Raipur. रायपुर। जांजगीर-चांपा जिले में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत बिना वैध लाइसेंस दवाओं के भंडारण और संचालन के दो प्रमुख मामलों में विशेष न्यायालय ने सख्त दंड सुनाया है। पहले प्रकरण (औषधि) क्रमांक 01/2024 में आरोपी मनीष पूरन विश्वास को धारा 18(ए) सहपठित धारा 28 के उल्लंघन में दोषी पाते हुए 6 माह सश्रम कारावास और 20,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। आरोपी का निवास वार्ड 04, झरनीपारा, ग्राम तिलई बताया गया। दूसरे प्रकरण (औषधि) क्रमांक 05/2024 में
आरोपी
प्रणव दत्त पांडेय को धारा 18(ए), 18(सी) सहपठित धारा 28 तथा धारा 27(B)(i) के उल्लंघन में दोषी पाते हुए कुल 3 वर्ष 6 माह सश्रम कारावास और 1,00,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। आरोपी बिलासपुर रोड, बलौदा का निवासी है। विभाग ने स्पष्ट किया कि बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति दवाओं का भंडारण या बिक्री करना दंडनीय अपराध है। वन्य गतिविधियों की तरह ही, औषधि तस्करी और अवैध बिक्री पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। आमजन से अपील की गई है कि वे दवाएँ केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खरीदें।

राज्य स्तर पर नशामुक्ति और तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम
राज्य शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के मार्गदर्शन में विभिन्न जिलों में नशा मुक्ति और तंबाकू नियंत्रण संबंधी IEC गतिविधियाँ आयोजित की गईं। जिला महासमुंद के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में नशामुक्त भारत अभियान, ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, और COTPA Act 2003 की जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। सभी छात्रों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। बिलासपुर स्थित माता शबरी कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने नशे और तंबाकू के दुष्प्रभाव, प्रतिबंधित नियमों और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. शशिकरण सिन्हा ने कहा कि स्वस्थ और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए नशा मुक्ति आवश्यक है।

COTPA अधिनियम का कड़ाई से पालन और चालानी कार्रवाई
राज्य में COTPA Act, 2003 के प्रावधानों के सख्त अनुपालन के तहत महासमुंद, मनेन्द्रगढ़–भरतपुर–चिरमिरी और रायपुर जिलों में औषधि निरीक्षकों ने विशेष कार्रवाई की। स्कूल और कॉलेजों के आसपास तंबाकू बेचने वाले दुकानदारों तथा सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 18,700 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया। विभाग ने कहा कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की चालानी कार्रवाई और जागरूकता गतिविधियाँ लगातार जारी रहेंगी। जांजगीर-चांपा में विशेष न्यायालय की कार्रवाई और राज्य स्तर पर नशामुक्ति एवं तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम यह दर्शाते हैं कि सरकार और प्रशासन जनस्वास्थ्य व सुरक्षा के प्रति गंभीर है। आमजन और युवा वर्ग को कानून और स्वास्थ्य नियमों के प्रति जागरूक करना राज्य की प्राथमिकता बनी हुई है। यह पहल केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
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