Raipur Breaking: EBIX कंपनी के मालिक विकास गर्ग को 14 दिन की न्यायिक रिमांड मिली

छग

Update: 2026-07-24 13:01 GMT
Raipur. रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में EBIX कंपनी के मालिक विकास गर्ग को 10 दिन की कस्टोडियल रिमांड खत्म होने के बाद मंगलवार को PMLA की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद विकास गर्ग को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। ED ने पूछताछ के दौरान आरोपी से कई अहम जानकारियां जुटाने का दावा किया है, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में जांच एजेंसी की ओर से बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने विकास गर्ग को महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। 10 दिनों तक चली कस्टोडियल रिमांड के दौरान ED अधिकारियों ने आरोपी से वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और कथित अवैध धन के उपयोग को लेकर कई सवाल किए। जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनसे महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों की परतें खुल सकती हैं। ED सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान विकास गर्ग के महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर से करीबी संबंध होने के प्रमाण मिले हैं। एजेंसी ने दावा किया है कि दोनों के बीच आर्थिक और व्यावसायिक संपर्कों से जुड़े कई दस्तावेज जांच के दायरे में आए हैं। इसके अलावा सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल सहित उनके परिवार से जुड़े बैंक खातों में रकम जमा किए जाने के संबंध में भी जांच एजेंसी को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में लंबे समय से अवैध धन के प्रवाह और उसे वैध दिखाने के प्रयासों की जांच कर रहा है। ED का आरोप है कि महादेव ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म से अर्जित काली रकम को विभिन्न माध्यमों से सफेद धन में बदलने की कोशिश की गई। जांच एजेंसी को इस संबंध में कई वित्तीय दस्तावेज, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य सबूत मिलने की बात कही जा रही है। पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर ED अब मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े पैसों का लेनदेन किन-किन माध्यमों से किया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल रहे। जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में कुछ और लोगों से पूछताछ या कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
विकास गर्ग को PMLA की विशेष अदालत में पेश किए जाने के दौरान ED ने अदालत को जांच से संबंधित जानकारी दी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अब विकास गर्ग जेल में रहेंगे और ED आगे की जांच प्रक्रिया जारी रखेगी। महादेव ऑनलाइन सट्टा मामला छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में चर्चा का विषय रहा है। इस मामले में पहले भी कई आरोपियों से पूछताछ हो चुकी है और कई संपत्तियों एवं वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है। ED का उद्देश्य अवैध सट्टा कारोबार से जुड़े पूरे आर्थिक नेटवर्क का पता लगाना और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है। जांच एजेंसी का मानना है कि आने वाले समय में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। विकास गर्ग से हुई पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर ED अब आगे की रणनीति तैयार कर रही है। मामले में जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका, बैंक खातों में हुए लेनदेन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क की गहन जांच जारी है।
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