समर्थन मूल्य पर धान खरीदी तेज, 33,988 किसानों से 1.77 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
छग
Durg. दुर्ग। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। शासन की पारदर्शी व्यवस्था और “तुंहर टोकन” प्रणाली के तहत किसानों को निर्धारित तिथि पर धान विक्रय की सुविधा मिल रही है। जिले के 87 सहकारी समितियों के अंतर्गत संचालित 102 उपार्जन केंद्रों में अब तक कुल 33,988 किसानों से 1,77,563.88 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। इस धान खरीदी की कुल लागत राशि 42,103.29 लाख रुपए आंकी गई है। धान विक्रय के पश्चात किसानों को त्वरित भुगतान की व्यवस्था के तहत अब तक 36,644.45 लाख रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से अंतरित की जा चुकी है। इससे किसानों को आर्थिक संबल मिल रहा है और शासन की डिजिटल भुगतान प्रणाली पर उनका भरोसा और मजबूत हुआ है।
जिला प्रशासन द्वारा उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। धान खरीदी केंद्रों पर बैठने, पेयजल, छांव और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही धान खरीदी के लिए पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। वर्तमान में जिले के उपार्जन केंद्रों में कुल 41,12,813 बारदाने उपलब्ध हैं, जिससे खरीदी कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में कुल 6,16,435 मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमानित लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जिला प्रशासन, खाद्य विभाग और सहकारी समितियां समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। धान खरीदी के साथ-साथ रकबा समर्पण की प्रक्रिया भी जारी है।
अब तक जिले में 12,639 किसानों द्वारा 224.67 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया जा चुका है। इससे वास्तविक बोए गए रकबे और उत्पादन के आंकड़ों में पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। खरीदे गए धान का उठाव भी निरंतर किया जा रहा है। जिले की समितियों में अब तक 26,894.60 मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ/टीओ जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 17,100.00 मीट्रिक टन धान का उठाव पूर्ण कर लिया गया है, जबकि शेष धान के उठाव की प्रक्रिया प्रगति पर है। जिला प्रशासन ने बताया कि धान खरीदी, भुगतान और उठाव की पूरी प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता न हो। किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि और समय पर ही उपार्जन केंद्रों में पहुंचकर धान विक्रय करें तथा किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित अधिकारियों या समिति प्रबंधकों से संपर्क करें।