कारोबारी रासू जैन के ऑफिस में घुसकर जान से मारने की धमकी, FIR दर्ज

छग

Update: 2025-10-15 15:24 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें कारोबारी रासू जैन ने अपने ऑफिस में घुसकर जान से मारने की धमकी और गाली गलौज करने का आरोप लगाते हुए प्रेमचंद पांडेय के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। तेलीबांधा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 296, 351(3) और 329(4) के तहत FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 13 अक्टूबर दोपहर को जीवन विहार कालोनी स्थित रासू जैन के ऑफिस में हुई। शिकायत में बताया गया है कि प्रेमचंद पांडेय ऑफिस में घुसकर गाली-गलौज करने लगे और रासू जैन तथा उनके चाचा और फर्म के भागीदार विनोद कुमार जैन को जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रेमचंद पांडेय ने अलग-अलग मोबाइल फोन से लगातार कॉल कर गालियां देते हुए धमकी दी और यहां तक कहा कि उन्हें अगवा किया जा सकता है।

विवाद की पृष्ठभूमि
शिकायत के अनुसार, प्रेमचंद पांडेय ने मदनपुर टोल प्लाजा में कथित हिस्सेदारी को लेकर मेसर्स विनोद कुमार जैन नामक फर्म के साथ साझेदारी की थी। इस साझेदारी के तहत उन्होंने फर्म के खाते में लगभग ₹96 लाख 90 हजार रुपये जमा किए थे। लेकिन बाद में भुगतान और एग्रीमेंट को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान प्रेमचंद पांडेय ने परिवादी को बार-बार जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में यह भी सामने आया कि प्रेमचंद पांडेय का नाम पहले भी अन्य विवादों में उभरा था। बताया जा रहा है कि ननकीराम कंवर कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत से मिलने गए थे, और उनकी शिकायत में प्रेमचंद पांडेय का उल्लेख बिंदु क्रमांक 5 में किया गया था। इससे स्पष्ट होता है कि पांडेय के खिलाफ पहले भी वित्तीय और कानूनी विवाद दर्ज हैं।

पुलिस की कार्रवाई
तेलीबांधा थाना पुलिस ने शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान सभी पक्षों से पूछताछ की जाएगी और मामले के हर पहलू की पूरी तरह से जांच की जाएगी। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी की संपत्ति और फर्म के लेन-देन की भी जांच की जा रही है ताकि विवाद की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

कानूनी पहलू
भारतीय दंड संहिता की धारा 296 के तहत जान से मारने की धमकी और धमकाने के आरोप में अपराध दर्ज किया गया है। इसके अलावा, धारा 351(3) और 329(4) के तहत मारपीट और जान से मारने के प्रयास से संबंधित कानूनी कार्रवाई की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की धमकियां गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं और तुरंत न्यायिक कार्रवाई की जाती है। इस घटना से स्थानीय व्यावसायिक समुदाय में भी चिंता की लहर है। कारोबारी और निवेशक सुरक्षा की दृष्टि से इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं। व्यापारियों ने
प्रशासन
से अपील की है कि ऐसे विवादों और धमकियों को रोकने के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाए जाएं। रासू जैन और उनके चाचा विनोद कुमार जैन का कहना है कि उन्हें धमकाने और गाली देने के इस मामले में न्याय की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से व्यापारिक समुदाय में विश्वास कायम रहेगा। इस मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी साक्ष्यों और गवाहों से पूछताछ कर मामले का निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करेगी।
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