Bilaspur. बिलासपुर। जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित रूप से संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम गुड़ी में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर पिता-पुत्र सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से 4,750 प्रतिबंधित प्रॉक्सिको स्पास कैप्सूल और अल्प्राविन टैबलेट जब्त की गई हैं। बरामद दवाओं की कीमत करीब 20 लाख रुपये और कुल वजन लगभग ढाई किलोग्राम बताया गया है। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले में अवैध नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक तिलेश्वर यादव के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
मुखबिर से मिली सूचना के बाद घर पर छापा
पुलिस के अनुसार ACCU और सीपत थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम गुड़ी निवासी उग्रसेन लोनिया अपने बेटे मुकेश लोनिया और रिश्तेदार परमेश्वर लोनिया के साथ मिलकर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाओं का कारोबार कर रहा है। पुलिस को यह भी सूचना मिली थी कि कथित रूप से बाहरी राज्यों से दवाएं मंगाकर जिले में खपाने की तैयारी की जा रही है। सूचना की तस्दीक के बाद संयुक्त टीम ने ग्राम गुड़ी स्थित उग्रसेन लोनिया के घर की घेराबंदी कर छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में कैप्सूल और टैबलेट मिलीं। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी इन दवाओं को रखने या बेचने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज अथवा चिकित्सकीय पर्चा प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद दवाओं को जब्त करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
4,750 कैप्सूल और टैबलेट बरामद
पुलिस के मुताबिक कार्रवाई में कुल 4,750 प्रतिबंधित प्रॉक्सिको स्पास कैप्सूल और अल्प्राविन टैबलेट बरामद की गई हैं। इनका वजन करीब ढाई किलोग्राम है और पुलिस ने इनकी अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं आरोपियों तक कहां से पहुंचीं और इन्हें किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। इसके लिए सप्लाई चेन से जुड़े संभावित लोगों और संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।
मुकेश का पुराना रिकॉर्ड होने का दावा
जांच में पुलिस को पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी मुकेश कुमार लोनिया (30) के खिलाफ पहले भी नारकोटिक्स एक्ट की धारा 21 और 22 के तहत प्रकरण दर्ज हो चुका है और वह जेल जा चुका है। पुलिस उसके पुराने संपर्कों की भी जांच कर रही है। मामले में पुलिस अब एंड-टू-एंड विवेचना कर रही है। इसका उद्देश्य दवाओं के स्रोत से लेकर अंतिम सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचना है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित अवैध कारोबार में और कितने लोग शामिल हैं।
अवैध कमाई और संपत्ति की भी होगी जांच
एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर आरोपियों की वित्तीय जांच भी शुरू की जा रही है। नशीली दवाओं के कथित अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति का पता लगाया जाएगा और वैधानिक प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में सीपत थाना प्रभारी राजेश मिश्रा, ACCU प्रभारी गोपाल सतपथी और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त टीम की कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।