छत्तीसगढ़

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसदीय समिति की बैठक में रखे कृषि सशक्तिकरण के सुझाव

Shantanu Roy
15 Oct 2025 6:54 PM IST
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसदीय समिति की बैठक में रखे कृषि सशक्तिकरण के सुझाव
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New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित रसायन एवं उर्वरक संबंधी संसदीय स्थायी समिति (वर्ष 2025-26) की पहली बैठक में भाग लिया। इस बैठक में देशभर के सांसदों और विशेषज्ञों ने रसायन व उर्वरक क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न रणनीतियों पर चर्चा की। बैठक के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने, घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने, उद्योगों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देने जैसे कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक में कहा कि भारत की कृषि अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए रसायन एवं उर्वरक क्षेत्र की दक्षता को बढ़ाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि “यदि देश के किसानों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती दरों पर उर्वरक समय पर मिल सके, तो न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।” अग्रवाल ने समिति के समक्ष कुछ ठोस सुझाव भी रखे। उन्होंने उर्वरक उत्पादन में अत्याधुनिक तकनीक अपनाने, जैविक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने और निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि उर्वरक क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को प्राथमिकता दी जाए ताकि भारत आयात पर निर्भरता घटा सके और “आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य को साकार किया जा सके। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर एक समन्वित नीति बनाए, जिससे उर्वरक वितरण व्यवस्था पारदर्शी बने और किसानों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े।

अग्रवाल ने कहा कि उर्वरक उद्योग में अनुसंधान और विकास (R&D) को बढ़ावा देना समय की मांग है। इसके माध्यम से नए पर्यावरण-अनुकूल और लागत प्रभावी उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं, जिससे किसानों की लागत घटेगी और उत्पादन बढ़ेगा। बैठक में समिति के अन्य सदस्यों ने भी बृजमोहन अग्रवाल के सुझावों की सराहना की और इस बात पर सहमति जताई कि कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए रसायन और उर्वरक उद्योग की भूमिका निर्णायक है। सांसद अग्रवाल ने बैठक के अंत में विश्वास जताया कि समिति की सिफारिशों के आधार पर एक ठोस कार्ययोजना तैयार होगी, जो देश के किसानों को लाभ पहुंचाने के साथ-साथ उद्योगों को भी नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि “हम सबका लक्ष्य है कि भारत का किसान सशक्त बने और देश रसायन-उर्वरक क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल करे।”
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