पुलिस की ड्रोन से बड़ी कार्रवाई, 6.744 किलो गांजा के साथ 7 आरोपी गिरफ्तार
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Bilaspur. बिलासपुर। नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सरकंडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6.744 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच विधि से संघर्षरत बालकों (नाबालिगों) सहित कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक धारदार चाकू भी जब्त किया गया है, जिसके आधार पर एनडीपीएस एक्ट के साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, थाना सरकंडा को सूचना मिली थी कि कुछ लोग नाबालिग बच्चों के माध्यम से चांटीडीह क्षेत्र में गांजे की बिक्री कर रहे हैं। सूचना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार आर्य के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम द्वारा ड्रोन कैमरे की सहायता से पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की गई। ड्रोन निगरानी के दौरान पुलिस ने कई संदिग्ध स्थानों को चिन्हित किया, जहां पर नशे के अवैध कारोबार की गतिविधियां देखी गईं। इसके बाद 1 जून 2026 की सुबह पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चिंगराजपारा स्थित कुंदरू बाड़ी क्षेत्र में कुछ लोग भारी मात्रा में गांजा बेचने और खपाने की तैयारी कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने त्वरित रणनीति अपनाते हुए इलाके को चारों ओर से घेर लिया, जिससे आरोपी भाग नहीं सके। गिरफ्तार आरोपियों में कुश यादव उर्फ पप्पू यादव (25 वर्ष), निवासी चिंगराजपारा कुंदरू बाड़ी तथा दीपक साहू (18 वर्ष), निवासी चिंगराजपारा विश्वकर्मा चौक शामिल हैं। इनके अलावा पांच नाबालिगों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात पैकेट में रखा कुल 6.744 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 3.35 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही एक धारदार चाकू भी जब्त किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को संदेह है कि यह नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर पर सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार बड़े तस्करी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसके पीछे मुख्य सप्लायर कौन हैं। अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन निगरानी के माध्यम से यह कार्रवाई संभव हो सकी, जिससे नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।