सड़क सुरक्षा के लिए दुर्ग पुलिस का बड़ा अभियान, 6,592 चालान काटे

छग

Update: 2026-08-02 13:33 GMT
Durg. दुर्ग। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दुर्ग यातायात पुलिस ने जिलेभर में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाकर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की है। पिछले एक सप्ताह के दौरान पुलिस ने 6,592 वाहन चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की। इस अभियान में बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले, सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने वाले, नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने वाले, तीन सवारी बैठाकर दोपहिया चलाने वाले और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर विशेष रूप से शिकंजा कसा गया।
यातायात पुलिस के अनुसार यह अभियान सड़क दुर्घटनाओं की संख्या कम करने, नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जिले की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से संचालित किया गया। अभियान के तहत जिले के प्रमुख चौक-चौराहों, राष्ट्रीय राजमार्गों, व्यस्त बाजार क्षेत्रों, स्कूल-कॉलेजों के आसपास तथा दुर्घटना संभावित स्थानों पर नियमित रूप से वाहन जांच की गई।
अभियान के दौरान सबसे अधिक कार्रवाई बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ हुई। एक सप्ताह में 4,140 दोपहिया चालकों का चालान काटा गया। इसके अलावा 978 वाहन चालकों पर नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने के कारण कार्रवाई की गई। 513 लोगों को बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने पर चालान का सामना करना पड़ा, जबकि 434 वाहन चालकों के खिलाफ तीन सवारी बैठाकर दोपहिया चलाने पर कार्रवाई की गई।
यातायात पुलिस ने अन्य गंभीर उल्लंघनों पर भी सख्ती दिखाई। आंकड़ों के अनुसार 95 वाहन चालकों पर बिना बीमा वाहन चलाने, 70 पर लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने, 48 लोगों पर शराब पीकर वाहन चलाने, 44 पर तेज रफ्तार, 32 पर नो-एंट्री का उल्लंघन, 27 पर ब्लैक फिल्म लगाने, 27 पर वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने तथा 20 वाहन चालकों पर परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने के मामले में कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त अन्य विभिन्न धाराओं के तहत 164 मामलों में भी चालानी कार्रवाई की गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं के अधिकांश मामलों में हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करना सबसे बड़ा कारण बनता है। दुर्घटना के दौरान सिर पर गंभीर चोट लगने या मृत्यु की संभावना हेलमेट नहीं पहनने पर कई गुना बढ़ जाती है। इसी प्रकार सीट बेल्ट का उपयोग न करने से चार पहिया वाहन चालकों और यात्रियों की जान जोखिम में पड़ जाती है। यही कारण है कि इस अभियान में इन दोनों उल्लंघनों पर विशेष ध्यान दिया गया।
यातायात पुलिस ने यह भी बताया कि शराब पीकर वाहन चलाना, तेज गति से वाहन चलाना और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग करना सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल है। ऐसे मामलों में न केवल चालानी कार्रवाई की गई, बल्कि शराब पीकर वाहन चलाने वाले 48 वाहन चालकों के विरुद्ध न्यायालयीन कार्रवाई के लिए प्रकरण भी तैयार किए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ दुर्ग यातायात पुलिस लगातार जनजागरूकता अभियान भी चला रही है। पुलिस अधिकारी स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संस्थाओं और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करने तथा सुरक्षित ड्राइविंग की आदत अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि नागरिकों में जिम्मेदार यातायात व्यवहार विकसित करना भी है।
यातायात पुलिस का कहना है कि यदि प्रत्येक वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का पालन करे, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाए, शराब पीकर वाहन न चलाए और मोबाइल का उपयोग करने से बचे, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें तथा यातायात नियमों का पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन करें।
दुर्ग यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी, वहीं नियमों का पालन करने वाले नागरिकों को जागरूक और सुरक्षित यातायात व्यवस्था का भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि प्रशासन और आमजन के संयुक्त प्रयासों से ही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है और जिले में सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।
Tags:    

Similar News