Jashpur. जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में 311 किलोग्राम गांजा तस्करी के चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस की गिरफ्त से बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों, साइबर सेल की मदद और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे धर दबोचा। अब पुलिस इस अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है और पूरे गिरोह की सप्लाई चेन की जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रूप सिंह यादव (35 वर्ष) निवासी गांधी चौक, झारसुगड़ा (ओडिशा) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी घटना के बाद से फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रह रहा था। हाल ही में उसके मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में होने की सूचना मिलने पर जशपुर पुलिस ने विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
यह पूरा मामला 14 जुलाई का है, जब कुनकुरी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से एक इनोवा कार के जरिए बड़ी मात्रा में गांजा छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जयस्तंभ चौक पर नाकाबंदी की। जैसे ही संदिग्ध इनोवा वहां पहुंची, चालक ने पुलिस को देखकर वाहन नहीं रोका और तेज रफ्तार से भाग निकला। इसके बाद पुलिस ने उसका पीछा किया।
करीब पीछा करने के बाद आरोपी बोडोकछार-पुटपुटीपानी जंगल क्षेत्र में इनोवा वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। पुलिस ने जब वाहन की तलाशी ली तो उसके अंदर से 295 पैकेटों में भरा 311 किलो 35 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके अलावा वाहन में फर्जी नंबर प्लेट और गांजा छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए काले रंग के दो कपड़े भी मिले। बरामद गांजे की मात्रा और तस्करी के तरीके को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल इनपुट के आधार पर फरार चालक की पहचान रूप सिंह यादव के रूप में की। इसके बाद आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। पुलिस को सूचना मिली कि वह टीकमगढ़ में छिपकर रह रहा है। इस जानकारी के बाद डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम मध्य प्रदेश रवाना की गई। टीम ने स्थानीय स्तर पर निगरानी और घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसे जशपुर लाकर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को दीं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने झारसुगड़ा स्थित उसके घर से घटना में इस्तेमाल की गई इनोवा कार की मूल चाबी भी बरामद कर जब्त कर ली। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में गांजा तस्करी से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गांजा किस स्थान से लाया जा रहा था, इसका अंतिम गंतव्य क्या था और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका थी। साथ ही आर्थिक लेनदेन और तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों की भी जांच की जा रही है।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों पर कार्रवाई कर रही है और अंतर्राज्यीय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं तथा पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।