रायगढ़: छाल पुलिस ने एसईसीएल अफसरों की शिकायत पर बंद खदान में साजो सामान लेकर पहुंचे 5 चोरों को गिरफ्तार किया है। लाखों का लोहे का सामान जब्त किया है। खदान से मोटर और बड़ी मात्रा में लोहे के सामान गायब हैं। चोरी कितनी बड़ी है, पुलिस इसकी जांच कर रही है। स्थानीय लोगों और एसईसीएल के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से कई दिनों से यहां चोरी की जा रही थी।

एसईसीएल की छाल स्थित अंडरग्राउंड कोयला खदान लगभग 6 साल से बंद है। यहां स्थापित कोल हैंडलिंग प्लांट पिछले लगभग 15 सालों से बंद है। यहां के कर्मचारियों को एसईसीएल बैकुंठपुर खदान शिफ्ट कर चुका है। जानकारी के मुताबिक पांच चोर गाड़ी में बाकायद 9 ऑक्सीजन सिलेंडर, एक एलपीजी सिलेंडर और लोहा काटने का पूरा साजो सामान गाड़ी में लेकर पहुंचे थे। जबकि खदान में एसईसीएल का एक गार्ड मौजूद होता है। इससे माना जा रहा है कि यह महज चोरी नहीं बल्कि सरकारी संपत्ति की संगठित लूट है। पुलिस ने अभी अपराध दर्ज होने की जानकारी नहीं दी है।
एसईसीएल अंडर ग्राउंड खदान में चोरी का खुलासा होने के बाद यहां पहुंचे लोगों ने बताया कि खदान में कोल हैंडलिंग प्लांट के लिए बंकर बना हुआ था। जिसमें 22 एमएम की प्लेट्स, हजारों किलो लोहे के एंगल, लगे थे। खदान में 150 हार्सपावर की 5 से अधिक मोटर लगी हुई थीं। हालांकि अभी अफसरों ने यह नहीं बताया है कि मोटर्स एसईसीएल के अफसरों ने निकवाई थीं या चोर ले गए लेकिन लोहे की कई प्लेट्स, बंकर में लगा लोहा चोर काटकर ले गए हैं। चोरी का मास्टरमाइंड फिरोज खान बताया जा रहा है।
इसके साथ ही जय पत्थलगांव, संदीप सोनी रायगढ़, सचिन त्रिपाठी गड़ूमरिया रायगढ़, अमलीडीह घरघोड़ा का भुवनेश्वर बताया जा रहा है। लिहाजा पांचों आरोपियों को छाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने बताया कि ये लोग चोरी करने आए थे और पकड़े गए जबकि आसपास के लोग बता रहे हैं कि पिछले कुछ दिनों से यहां कबाड़ माफिया सामान चुराने में लगे थे। अभी यहां एसईसीएल की कोल साइडिंग का काम चल रहा है इसलिए बाउंड्रीवाल तोड़ी गई है, इसका फायदा चोरों ने उठाया है। गार्ड की तैनाती के बावजूद चोरी की वजह से पुलिस इस बात की जांच करेगी कि चोरी में एसईसीएल के स्थानीय अफसरों की मिलीभगत तो नहीं है। एसईसीएल सुरक्षा निरीक्षक का अनुमान है कि खदान क्षेत्र से लगभग 40 लाख रुपए की चोरी हुई है। वहां चोरों को देखकर जब परिचय पूछा गया तो उन्होंने खुद को मजदूर बताया था। जैसे ही पुलिस के पहुंचने के खबर मिली मास्टरमाइंड फिरोज मिनी ट्रक के नीचे छिप गया। एसईसीएल से सूचना मिलने पर सबसे पहले डायल 112 की टीम पहुंची और उन्होंने पांचों आरोपियों को पकड़ा।
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