रायपुर में RPF और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई, 28 किलो गांजा जब्त

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Update: 2025-09-02 14:56 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को हुई इस संयुक्त रेड में टीम ने 28 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7 लाख रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई में टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
गिरफ्तार आरोपी बिहार के निवासी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनीश कुमार शाह (19 वर्ष) और आयुष कुमार सिंह (20 वर्ष) के रूप में हुई है।
अनीश कुमार शाह, पिता राजेश शाह, ग्राम तरैया, शिव मंदिर के पास, थाना तरैया, जिला छपरा (बिहार) का निवासी है।
वहीं, आयुष कुमार सिंह, पिता मनोज सिंह, ग्राम बुधसी, पोस्ट ऑफिस सिदवालिया, थाना महमदपुर, जिला गोपालगंज (बिहार) का निवासी है।
दोनों आरोपी लंबे समय से गांजा तस्करी के धंधे में शामिल बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वे गांजा को बिहार ले जाने की तैयारी में थे, ताकि वहां इसे ऊंचे दामों पर बेचा जा सके।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
आरपीएफ और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम को पहले से ही सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन के माध्यम से गांजे की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। सूचना की पुष्टि होते ही टीम ने रणनीति बनाई और आरोपियों पर निगरानी रखी। जैसे ही दोनों युवक संदिग्ध सामान के साथ स्टेशन पर पहुंचे, उन्हें रोककर पूछताछ की गई। तलाशी के दौरान उनके पास से 28 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
गांजा तस्करी का नेटवर्क बेनकाब
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी संगठित तरीके से नशे के इस अवैध कारोबार में शामिल हैं। गांजा की खेप उन्हें छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा से सप्लाई की जाती है, जिसे बाद में बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश तक पहुँचाया जाता है। इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके मोबाइल नंबरों तथा संपर्क सूत्रों की जांच की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि यह तस्करी का एक बड़ा गिरोह है, जो इंटरस्टेट स्तर पर काम करता है।
नशा मुक्ति अभियान के तहत सख्त कार्रवाई
आरपीएफ और आबकारी विभाग ने इस कार्रवाई को नशा मुक्ति अभियान का हिस्सा बताया है। दोनों विभाग लगातार रेलवे मार्ग और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ा रहे हैं। खासतौर पर छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाले रूट्स पर गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी की संभावना अधिक रहती है। इसी कारण एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। पिछले कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ में गांजा और अन्य मादक पदार्थों की कई बड़ी खेप पकड़ी गई हैं। रायपुर, भिलाई, दुर्ग और धमतरी जैसे शहर अब इस तरह की तस्करी के लिए हॉटस्पॉट बनते जा रहे हैं।
युवाओं पर मंडरा रहा नशे का खतरा
गांजा और अन्य नशे के पदार्थों की बढ़ती खपत ने प्रशासन और समाज दोनों को चिंतित कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे का सबसे ज्यादा असर युवा पीढ़ी पर हो रहा है। नशे की लत उन्हें अपराध की ओर धकेल रही है और समाज में असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में नशे के खिलाफ कड़े अभियान की घोषणा की है। इसमें स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, तस्करों पर कठोर कार्रवाई और समाज के स्तर पर रोकथाम की रणनीति बनाई जा रही है।
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