Durg. दुर्ग। जिले के भिलाई स्थित जयंती स्टेडियम में पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब एक युवती ने अपने हाथ की नस काटने का प्रयास किया। यह घटना तब हुई, जब युवती पंडित शास्त्री से व्यक्तिगत रूप से मिलने की इच्छा रखती थी, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। कथा के दौरान युवती मंच के पास पहुंची और शास्त्री से मिलने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा और आयोजन के कारण उन्हें पंडित से मिलने का अवसर नहीं मिला। निराशा और मानसिक तनाव के चलते युवती ने अपने हाथ की नस काटने का साहसिक प्रयास किया। घटना की सूचना मिलते ही मंच से पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सभी भक्तों से भावुक अपील की कि इस तरह का कोई भी कदम न उठाया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी व्यक्ति की पूजा नहीं, बल्कि भगवान हनुमान की भक्ति और कथा के लिए उपस्थित हैं। शास्त्री ने कहा कि भक्ति का अर्थ हिंसा या आत्मघाती प्रयास नहीं होता। सुरक्षा और आपातकालीन टीम ने तुरंत युवती को मदद पहुंचाई और उसे चिकित्सा सहायता प्रदान की। कथास्थल पर मौजूद पुलिस और स्टेडियम प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित किया। युवती को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया। इस घटना ने कथा स्थल पर मौजूद भक्तों और दर्शकों को आश्चर्य और चिंता में डाल दिया। आयोजकों ने भी
चेतावनी
दी कि व्यक्तिगत भावनाओं में इतने बड़े कदम उठाने से बचें और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। स्थानीय प्रशासन और कार्यक्रम प्रबंधकों ने स्टेडियम में सुरक्षा और आपात स्थिति प्रबंधन को और सख्त कर दिया है। भक्तों ने इस घटना के बाद मानसिक सतर्कता और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। इस घटना ने धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और भीड़ प्रबंधन के महत्व को एक बार फिर उजागर किया है।
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