रील देखते समय चला गया नेटवर्क, महिला ने तोड़ा मोबाइल फिर उठाया ये खौफनाक कदम
छग
Korba. कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। करतला थाना क्षेत्र के केराकछार गांव में मोबाइल पर रील देखते समय नेटवर्क चले जाने से नाराज एक महिला ने कथित तौर पर कीटनाशक का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। मृतका की पहचान 52 वर्षीय मंगलो बाई के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मंगलो बाई घर में खाना खा रही थी और इसी दौरान वह मोबाइल पर रील देख रही थी। अचानक मोबाइल का नेटवर्क बंद हो गया। बताया जा रहा है कि नेटवर्क चले जाने से वह काफी नाराज हो गई और गुस्से में मोबाइल को जमीन पर पटक दिया, जिससे मोबाइल टूट गया।
इसके बाद महिला ने आवेश में आकर घर में रखा कीटनाशक पी लिया। कुछ देर बाद जब परिजनों को इस घटना की जानकारी हुई तो घर में अफरा-तफरी मच गई। परिजन तुरंत उसे बचाने के प्रयास में जुट गए और इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी की। परिजनों के अनुसार, गांव में चली आ रही पुरानी मान्यता के चलते उन्होंने महिला को उल्टी कराने के लिए गोबर-पानी पिलाया। पति प्रेमलाल ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि इससे जहर का असर कम हो जाएगा। हालांकि, महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और उसे तत्काल संजीवनी वाहन की मदद से मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला का उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद मंगलो बाई को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से पुलिस को मेमो भेजा गया। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि अस्पताल से मिली जानकारी के आधार पर मामले में कार्रवाई दर्ज की गई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मोबाइल में नेटवर्क नहीं आने से नाराज होकर महिला ने कीटनाशक का सेवन किया था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जानकारी जुटाई जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आज के समय में मोबाइल मनोरंजन का बड़ा माध्यम बन चुका है, लेकिन कई बार इसके इस्तेमाल से जुड़ी छोटी-छोटी परेशानियां लोगों के व्यवहार पर गहरा असर डाल सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अचानक आने वाला गुस्सा और भावनात्मक तनाव कई बार व्यक्ति को गलत कदम उठाने के लिए मजबूर कर सकता है। कोरबा जिले में आत्महत्या के बढ़ते मामलों के बीच यह घटना चिंता बढ़ाने वाली है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले आठ महीनों में जिले में 57 लोगों की आत्महत्या से मौत हो चुकी है। ऐसे मामलों में मानसिक तनाव, पारिवारिक परिस्थितियां और अचानक पैदा होने वाला आक्रोश जैसे कारण सामने आते रहे हैं। मोबाइल या सोशल मीडिया से जुड़ी नाराजगी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। परिवार के लोगों को भी ऐसे समय में भावनात्मक स्थिति को समझने और संवाद बनाए रखने की जरूरत होती है, ताकि कोई व्यक्ति गुस्से या तनाव में आकर ऐसा कदम न उठा ले, जिसके बाद पछतावे के अलावा कुछ न बचे।