मुंगेली में स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारियों का उग्र ऐलान, CMHO कार्यालय होगा घेराव

छग

Update: 2026-01-16 16:24 GMT
Mungeli. मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) द्वारा की गई निलंबन कार्रवाई को लेकर स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस मामले में स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ने सीएमएचओ पर व्यक्तिगत द्वेष के तहत एकपक्षीय, नियमविरुद्ध और अन्यायपूर्ण कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है। संघ ने इस कार्रवाई के विरोध में 19 जनवरी 2026 को सीएमएचओ कार्यालय, मुंगेली के संभाग स्तरीय घेराव की घोषणा कर दी है। संघ का कहना है कि जिलाध्यक्ष डोम प्रकाश कश्यप, आरएचओ, आयुष्मान आरोग्य मंदिर सुरदा के विरुद्ध की गई निलंबन कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है। यह कार्रवाई न तो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप है और न ही विभागीय प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है।


स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ का आरोप है कि संबंधित अधिकारी को बिना समुचित जांच और पक्ष सुने निलंबित कर दिया गया, जो स्पष्ट रूप से मनमानी और प्रशासनिक दुरुपयोग को दर्शाता है। संघ ने बताया कि इस निलंबन को निरस्त करने के लिए 15 दिसंबर 2025 और पुनः 5 जनवरी 2026 को सीएमएचओ को लिखित आवेदन सौंपा गया था, लेकिन अब तक न तो कोई निर्णय लिया गया और न ही किसी प्रकार का जवाब दिया गया। इससे कर्मचारियों में असंतोष और गहराता चला गया। इसी बीच, संघ के अनुसार 15 जनवरी 2026 को सीएमएचओ कार्यालय द्वारा एक पत्र जारी किया गया, जिसमें जिले के सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि उनके अधीनस्थ कोई भी कर्मचारी प्रस्तावित घेराव में शामिल न हो। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि कोई कर्मचारी घेराव या आंदोलन के समर्थन में पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ने इस पत्र को तानाशाहीपूर्ण और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है। संघ का कहना है कि इस तरह की चेतावनी से कर्मचारियों में डर पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इससे आक्रोश और अधिक बढ़ गया है। संघ ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त नहीं किया गया, तो 19 जनवरी को बिलासपुर संभाग के समस्त स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी मुंगेली पहुंचकर सीएमएचओ कार्यालय का घेराव करेंगे। आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन अपनी मांगों पर
कर्मचारी
किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटेंगे। संघ ने यह भी चेतावनी दी है कि आंदोलन के दौरान यदि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं, तो इसकी पूर्ण नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मुंगेली डॉ. शीला शाह की होगी। कर्मचारियों का कहना है कि वे जनता की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सजग हैं, लेकिन अपने सम्मान, अधिकार और न्याय के लिए संघर्ष करना उनका वैधानिक अधिकार है। स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा और यदि आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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