3 साल तक बिना अनुमति गायब रहे प्रधान पाठक बर्खास्त, शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
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Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय प्राथमिक शाला बेंदरापारा के प्रधान पाठक आत्माराम चौहान को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में यह सामने आया कि वे लगातार तीन वर्षों तक बिना किसी वैध अनुमति के विद्यालय से अनुपस्थित रहे। उनकी अनुपस्थिति के कारण स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हुई और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ा। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने नियमानुसार उनकी सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया।
यह कार्रवाई कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देशन तथा लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर के निर्देशों के अनुरूप की गई। जिला शिक्षा अधिकारी जे.आर. डहरिया के नेतृत्व में पूरे मामले की विभागीय जांच कराई गई, जिसमें प्रधान पाठक के लंबे समय तक बिना अनुमति अनुपस्थित रहने की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट के अनुसार संबंधित प्रधान पाठक कई वर्षों से नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंच रहे थे। इस कारण स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में बाधा उत्पन्न हो रही थी। विभाग ने पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के लिए बिना अनुमति लंबे समय तक अनुपस्थित रहना गंभीर अनुशासनहीनता माना जाता है। विशेष रूप से शिक्षा विभाग में ऐसी लापरवाही सीधे विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करती है। इसलिए मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी तथ्यों और दस्तावेजों की जांच के बाद सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया गया। शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि कोई शिक्षक या प्रधान पाठक अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
जिला शिक्षा अधिकारी जे.आर. डहरिया ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था से किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूलों में अनुशासन और जवाबदेही बनाए रखने के लिए समय-समय पर निरीक्षण और समीक्षा की जाएगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने कर्तव्यों की अनदेखी करता पाया गया तो उसके विरुद्ध भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ेगी और विद्यालयों में नियमित शिक्षण कार्य सुनिश्चित होगा। साथ ही यह संदेश भी जाएगा कि सरकारी सेवा में अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रशासन लगातार विभिन्न कदम उठा रहा है। विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग, शिक्षकों की उपस्थिति पर नजर और शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की जा रही है। ऐसे में प्रधान पाठक की बर्खास्तगी को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।