Korba. कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में तेज रफ्तार और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की लापरवाही ने एक बार फिर एक मासूम की जान ले ली। सुनालिया मोड़ के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में सेंट जेवियर्स स्कूल की कक्षा 9वीं के छात्र हर्षवर्धन सिंह (13) की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उसका साथी वंशु कुमार जोशी (13) गंभीर रूप से घायल है। इस हादसे के बाद परिवार, स्कूल और पूरे इलाके में शोक का माहौल है। वहीं पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अभिभावकों से अपील की है कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए न दें।
जानकारी के अनुसार, मिशन रोड निवासी हर्षवर्धन सिंह और उसका मित्र वंशु कुमार जोशी बुधवार 29 जुलाई की शाम स्कूटी से टीपी नगर की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि स्कूटी हर्षवर्धन चला रहा था। जब दोनों सुनालिया मोड़ के पास पहुंचे, तभी तेज रफ्तार के कारण स्कूटी अचानक अनियंत्रित हो गई। वाहन सड़क पर फिसलते हुए सीधे डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और दोनों बच्चे सड़क पर जा गिरे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे में हर्षवर्धन का सिर डिवाइडर से जोर से टकराया, जिससे उसे गंभीर सिर की चोट आई। वहीं पीछे बैठा वंशु उछलकर सड़क किनारे जा गिरा और उसके कंधे में फ्रैक्चर हो गया। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए दोनों बच्चों को तत्काल निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। गंभीर रूप से घायल हर्षवर्धन की हालत लगातार नाजुक बनी रही। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गुरुवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। दूसरी ओर वंशु कुमार जोशी का इलाज अभी जारी है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
हर्षवर्धन की असमय मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्कूल में भी शोक की लहर दौड़ गई। सहपाठी, शिक्षक और परिचित इस हादसे से स्तब्ध हैं। सभी ने दिवंगत छात्र को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना की जांच शुरू की। शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर दुर्घटना के कारणों की जांच प्रारंभ कर दी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे के शिकार दोनों छात्र नाबालिग थे और उन्हें वाहन चलाने की अनुमति नहीं थी। लगातार जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद अभिभावकों द्वारा नाबालिग बच्चों को दोपहिया वाहन सौंपने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसके कारण गंभीर सड़क हादसे हो रहे हैं। पुलिस ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि अभिभावकों की भी नैतिक जिम्मेदारी है।
इसी बीच कोरबा पुलिस ने "सजग कोरबा-सतर्क कोरबा" अभियान के तहत विशेष वाहन जांच अभियान भी चलाया। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर यातायात पुलिस ने शहर के विभिन्न स्थानों पर सघन जांच की। अभियान के दौरान 11 नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 22 हजार रुपये का समन शुल्क वसूला गया। पुलिस ने संबंधित अभिभावकों को भी कड़ी चेतावनी दी कि भविष्य में नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए न दें, अन्यथा उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
यातायात पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं, हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और नाबालिग बच्चों को किसी भी स्थिति में वाहन न सौंपें। पुलिस का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही पूरे परिवार की खुशियां छीन सकती है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी की कीमत कई बार जिंदगी देकर चुकानी पड़ती है।